आगरालीक्स …आगरा के दयालबाग प्रकरण से सीएम योगी आदित्यनाथ भी नाराज हैं। वहीं, हाईकोर्ट ने दयालबाग में ध्वस्तीकरण पर 27 सितंबर तक रोक लगा दी है।
सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से बात की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीएम योगी ने राधा स्वामी सत्संग सभा और पुलिस के बीच हुए टकराव पर नाराजगी जताई। कहा कि राधा स्वामी सत्संग सभा प्रतिष्ठित संस्था है, उनके साथ राजस्व मामले को संवाद से निस्तारित किया जाना चाहिए था। यह भी कहा कि मौके पर उच्च अधिकारी नहीं गए इसलिए माहौल खराब हुआ, स्पष्ट कहा कि माहौल खराब नहीं होना चाहिए।
हाईकोर्ट से दो दिन के लिए कार्रवाई पर रोक
उधर, मुख्य स्थायी सलाहकार जेएन मौर्या द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि राधा स्वामी सत्संग सभा दयालबाग ने 14 सितंबर को याचिका दायर कर प्रशासन द्वारा खसरा संख्या 309 और 320 से संबंधित मामले में पारित नोटिस को चुनौती दी थी। उपर्युक्त रिच याचिका उल्लिखित मामले के रूप में 25 सितंबर को सुनवाई के लिए आई। अतिरिक्त मुख्य स्थयी वकील उत्तरदाताओं की ओर से उपस्थित थे, उ्रन्होंने बताया कि न्यायालय ने मौखिक रूप से निर्देश दिए है। अनुराग खन्ना द्वारा किए गए उल्लेख पर मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने उपरोक्त मामले को 27 सितंबर को सुनवाई करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को निर्धारित तिथि तक निर्माण ध्वस्त न करने के निर्देश दिए हैं।
ये है पूरा मामला
जिला प्रशासन ने राधा स्वामी सत्संग सभा, दयालबाग पर रास्ते, नहर, खेल के मैदान पर गेट लगाने और बाउंड्रीवाल करने के आरोप में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। सात दिन में कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। शुक्रवार रात को सरकारी जमीन से राधा स्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों को बेदख कर दिया गया। शनिवार को पुलिस फोर्स के साथ प्रशासन और रास्जव विभाग की टीम पहुंची। छह घंटे में छह गेट तोड़ दिए लेकिन रात में गेट दोबारा लगा दिए गए।
सत्संगी और पुलिस के बीच हुआ टकराव
रविवार शाम को पुलिस फोर्स दोबारा पहुंचा, जिस गेट को सत्संगियों ने लगा दिया था उसे हटाने के लिए बुलडोजर को आगे बढ़ाया, पथराव शुरू हो गया। काफी देर तक बवाल चला, दोनों तरफ से लोग घायल हुए। रात आठ बजे टीम वापस लौट आई, रविवार रात को हुई बैठक में राधा स्वामी सत्संग सभा, दयालबाग को दस्तावेज दिखाने के लिए सात दिन का और समय दिया गया।