आगरालीक्स…आगरा में दुकानदारों को पीटने वाले नगर निगम के बाउंसरों को नगर आयुक्त ने हटाया. मेयर ने प्रवर्तन दल को किया भंग. कहा—लोगों का उत्पीड़न करने का किसी को अधिकार नहीं, शासन भेजी शिकायत
आगरा में तोता का ताल में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम के प्रवर्तन दल के बाउंसरों ने दुकानदारों के साथ मारपीट की थी. इसको लेकर दुकानदारों ने विरोध जताते हुए धरना दिया था और बाजार बंद कर दिया था. मामले में दुकानदारों ने एआई के खिलाफ शिकायत भी दी थी जिसके बाद नगर आयुक्त ने सभी बाउंसरों की सेवा समाप्त कर दी है और एई को भी हटा दिया गया है. बुधवार को आलमगंज क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के नाम पर आमजन के साथ उत्पीड़न का शिकार हुए लोगों से मिलने के बुधवार को महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह पहुंची. यहां पर पहुंचकर महापौर ने पीड़ितों का हाल जाना और उनके दुख-दर्द को सुना. इस दौरान महापौर ने स्थलीय निरीक्षण करके देखा कि निगमकर्मियों द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर जमकर तोड़-फोड़ की गई है.
दुकानदारों ने महापौर को अपना दर्द बताते हुए कहा कि इस तोड़-फोड़ में उनका काफी नुकसान हुआ है. अतिक्रमण हटाने के दौरान निगमकर्मियों द्वारा बिजली के मीटर भी तोड़ दिए गए हैं, अब उनकी दुकानों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है, इन्हें ठीक कराने के लिए भी व्यापारियों का आर्थिक नुकसान होगा. इस दौरान महापौर से मारपीट के दौरान घायल लोग भी मिले. महापौर ने सभी को ढांढस बंधाया. महापौर घायलों के दर्द को सुन ही रहीं थी कि एक 12 वर्षीय बच्ची भी महापौर के पास आकर रोने लगी. उसने बताया कि उसके परिवारीजन मिट्टी के बर्तन यहां पर बेचते हैं, अतिक्रमण हटाने के दौरान निगमकर्मियों ने मिट्टी के बर्तन भी तोड़ दिए.
महापौर ने बच्ची को गले लगाकर ढांढस बंधाया और उनके परिजनों को सांत्वना दी. महापौर ने आलमगंज बाजार के सभी दुकानदारों और आमजनों को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ जांच करके सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. आमजन का उत्पीड़न किसी भी तरह से किसी के भी द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन दल को भंग कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त दोषियों को सजा दिलाने के लिए शासन को भी शिकायत भेज दी गई है.