आगरालीक्स…आगरा में बोलीं आर्यिका अर्हंश्रीमाताजी—जो धर्म के पीछे पीछे भागते हैं, धन उनके पीछे पीछे आता है
गुरूवार को श्री 1008 महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर,डी ब्लाक, कमलानगर मे चल रहे श्रमण संस्कृति धार्मिक शिविर मे इष्टोपदेश की गाथाओं पर वहां विराजित आचार्य श्री 108 विभवसागर जी महाराज की सुयोग्य शिष्या आर्यिका 105 अर्हंश्री माताजी ने बताया कि धर्म से दुख दूर होते हैं और धन भी पीछे पीछे चलता है. उन्होंने दूसरों की ओर न देख अपने को देखो का सन्देश दिया.

उन्होने नित्य प्रतिक्रमण करने पर जोर देते हुये बताया कि प्रतिक्रमण साधू और श्रावक दोनो के लीये अवश्यक है, प्रतिक्रमण भी सात प्रकार से होता है. उन्होने रात्रि में सोने से पहले ये पंक्तियां बोलकर सोने का उपदेश दिया खामेमि सव्वे जीवा सव्वे जीवा खमंतु मे| मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि माता जी के मंगल प्रवचन व कक्षा नित्य प्रात:7.00 से 8.00 बजे तक चल रहीं है. बच्चो की विभिन्न कक्षाएं कमलानगर महिला मन्डल के सहयोग से आयोजित हो रहीं है.