आगरालीक्स…मिर्गी और दौरों कों लेकर लोगों में फैली हैं कई भ्रांतियां. जानिए क्यों आती है मिर्गी और आए तो सबसे पहले क्या करें. न्यूरो विशेषज्ञों ने ताज महोत्सव पहुंच मिर्गी और दौरों पर किया जागरूक
ताज महोत्सव के साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का 10 दिवसीय मेडिकल कैंप भी शिल्पग्राम में संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत शुक्रवार को न्यूरोलाॅजिकल सोसायटी आफ आगरा ने पर्यटकों और आम जनता को सेवाएं प्रदान कीं। सोसायटी अध्यक्ष एवं वरिष्ठ न्यूरोलाॅजिस्ट डाॅ. अरविंद अग्रवाल ने बताया कि सोसायटी की ओर से दौरे और मिर्गी को लेकर जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया था। इसमें लोगों को मिर्गी और दौरों से बचाव, इसके लक्षण और उपचार पर जानकारी दी गई। डाॅ. आलोक अग्रवाल, डॉ नीरज बसन्तानी के साथ ही सोसायटी के अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने शिल्पग्राम पहुंचकर लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

उन्होंने कहा कि मिर्गी एक स्नायु संबंधी विकार है जिसमें बार-बार दौरे पड़ते हैं। यह कोई छूत की बीमारी या मानसिक रोग नहीं है। मिर्गी का मतलब मानसिक रूप से विकलांग होना नहीं है। इस तरह की भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। इसके अलावा मिर्गी क्यों आती है, यदि किसी को दौरा आ जाए तो क्या नहीं करना चाहिए, मिर्गी के दौरों का पहला उपचार यानि क्या करना चाहिए, कब समझ जाएं कि तत्काल चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है आदि अहम बिंदुओं पर लोगों को विस्तार से जानकारी दी गई।
डाॅ. आलोक अग्रवाल ने बताया कि मिर्गी या दौरे आने पर अक्सर लोग कई गलतियां कर बैठते हैं जैसे व्यक्ति को काबू में करने की कोशिश करना, खाने या पीने के लिए कुछ देना, व्यक्ति के मुंह में कुछ रख देना, सीपीआर देना। इससे दिक्कत और बढ़ सकती है। इसकी जगह व्यक्ति को फर्श पर लिटाने का प्रयास करें, उसकी गतिविधि पर पैनी नजर रखें, यह देखें कि दौरा कब आना शुरू हुआ और कितनी देर से जारी है, अत्यधिक जोर से न पकड़ें और शोर शराबा न करें। तत्काल चिकित्सक तक पहुंचने की कोशिश करें। डॉ नीरज बसन्तानी ने बताया कि इसके साथ ही शिल्पग्राम परिसर में इसकी जागरूकता से जुड़े पंपलेट भी वितरित किए गए।