आगरालीक्स..आगरा से श्रावण मास में रोडवेज बस से हरिद्वार,ऋषिकेश जाना चाहते हैं तो पहले कर लें जानकारी। यूपी, हरियाणा की बसों का संचालन प्रभावित।
कई डिपो की बसों का संचालन गड़बड़ाया
श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के चलते आगरा समेत कई डिपो से हरिद्वार, ऋषिकेश, मेरठ की ओर जाने वाली बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। यूपी रोडवेज के साथ हरियाणा रोडवेज ने कुछ बसों को बंद करने का भी यह निर्णय लिया है।
आगरा से जाने वाली बसें भी हुईं प्रभावित
कांवड़ यात्रा के चलते आगरा से हरिद्वार, ऋषिकेश जाने वाली कम से कम चार-पांच बसों को बंद कर अन्य रूटों पर लगा दिया गया है। इन बसों में प्रमुख रूप से फाउंड्री नगर डिपो की बसें शामिल हैं, जिसमें शाम साढ़े पांच बजे, रात साढ़े नौ बजे समेत जाने वाली अन्य रोडवेज बसें शामिल हैं।
आगरा से काफी संख्या में जाते हैं यात्री
आगरा से हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए कांवड़िये काफी संख्या में जाते हैं। इसके अलावा अस्थियों के विसर्जन औऱ श्रावण मास में कालसर्प योग समेत कई अन्य कर्मकांडों के लिए भी श्रद्धालु हरिद्वार जाते हैं। साथ ही रास्ते में लोकल सवारियां भी इन बसों को काफी संख्या में मिल जाती हैं।
कांवड़ियों की सुरक्षा की वजह से उठाया कदम
रोडवेज के अधिकारियों ने बसों का संचालन कम किए जाने की वजह कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह बेरीकेडिंग और रूट डायवर्जन के साथ कांवडियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया।
रोडवेज की बसों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा
रोडवेज की अन्य बसें जो हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए चल रही हैं, वह काफी घूमकर जा रही हैं। इन बसों का चक्कर लंबा होने की वजह से किराया भी ज्यादा लिया जा रहा है। बसों का रूट चेंज होने की वजह से किराया बढ़ाने के संबंध में रोडवेज का सर्क्यूलर भी जारी किया गया है। कुछ अन्य डिपो की बसों भी इसी वजह से प्रभावित हुई हैं।
हरियाणा रोडवेज ने मेरठ जाने वाली बसें की कम
हरियाणा रोडवेज ने भी हरिद्वार और ऋषिकेश और मेरठ जाने वाली बसों की संख्या कम करने के साथ कुछ को बंद कर अन्य रूटों पर लगा दिया है।
आगरा से चार बसें हुई थीं बंद, अब फिर चालू
इस संबंध में फाउंड्रीनगर के एआरएम राजीव यादव ने आगरालीक्स को बताया कि आगरा से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाली चार बसों का संचालन कांवड़ यात्रा के चलते रोका गया था लेकिन अब इन बसों को फिर से चालू कर दिया गया है। बसों के लंबे रूट से जाने के संदर्भ में उनका कहना था कि रास्ते में स्थानीय पुलिस द्वारा रूट डायवर्जन की वजह से यह परेशानी होती है।