आगरालीक्स…शादियों में पनीर खाने के शौकीन हैं तो सतर्क रहें. आगरा में पाम आयल, सपरेटा से तैयार हो रहा पनीर. ठेल ढकेल, रेस्टोरेंट तक में इस पनीर की सप्लाई..
आगरा में इस समय शादियों का सीजन चल रहा है. शादियों में एक से बढ़कर एक खाने की स्टॉल्स भी लगी होती है और इनमें दो से तीन स्टॉल्स पनीर स्पेशल होती हैं. शादियों में पनीर की सब्जी या पनीर के पकोड़े खाने के लोग शौकीन होते हैं लेकिन ये पनीर कैसा है और कहां से आया है इसकी जानकारी नहीं होती है. अगर आप भी पनीर खाने के शौकीन हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाएं क्योंकि आगरा में, खासकर शादियों में जो पनीर सप्लाई हो रहा है वो सही नहीं है, यानी नकली है. यह पनीर सपरेटा या पाम आयल से बनाया जा रहा है.
डिमांड पर पांच मिनट में हो रहा तैयार
शादियों में पनीर की डिमांड को ध्यान में रखकर नकली पनीर की भारी मात्रा तैयार की जा रही है. यह पनीर पांच घंटे के अंदर तैयार कर दिया जाता है और इसके रेट्स भी बहुत कम होते हैं.
रेस्टोरेंट और ठेल ढकेल पर भी सप्लाई
शादियों के अलावा नकली पनीर की भारी मात्रा ठेल ढकेल और रेस्टोरेंट में भी की जा रही है. खासकर ठेल ढकेल पर. अंडे से लेकर चाउमीन तक में पनीर डाला जा रहा है.
आगरा में पकड़ा गया 4 क्विंटल नकली पनीर
एक दिन पहले ही एफएसडीए की टीम ने पुरानी मंडी फतेहाबाद रोड पर एक खाद्य प्रतिष्ठान पर छापा मारा. टीम को प्रतिष्ठान पर नरेन्द्र राठौर पुत्र श्री श्यामलाल को अन्य खाद्य पदार्थों के साथ डीप फ्रीजर में लगभग नब्बे किलोग्राम पनीर भंडारित किए हुए पाया. साथ ही प्रतिष्ठान पर बोलेरो पिकअप वाहन संख्या यूपी-एटी 2943 भी मौजूद था, जिसमें काहना डेयरी, नगला धनिया, बिरहरू, खैरागढ़ के मालिक व लाईसेंसी सुनील कुमार पुत्र श्री अशोक कुमार निवासी नगला धनिया, पोस्ट-बिरहुरु, थाना सुईयां, जनपद-आगरा को लगभग चार क्विंटल पनीर भंडारित किए हुए पाया.
पाम आयल, सपरेटा से तैयार हो रहा पनीर
पूछताछ पर सुनील कुमार पुत्र अशोक कुमार ने बताया कि वह उक्त पनीर का विनिर्माण सुपरेटा दूध व पाम आयल व अन्य रसायनों के प्रयोग बनाते हैं तथा मानव उपभोग हेतु नरेन्द्र राठौर व अन्य खाद्य व्यवसायियों को बेचते हैं. नरेंद्र राठौर ने भी यह बताया कि उनके पास मौजूद पनीर भी इसी प्रकार का बना हुआ है, जो किसी अन्य द्वारा सप्लाई किया गया है. पूछे जाने पर उपरोक्त दोनों व्यक्तियों ने यह कुबूल किया कि उक्त पनीर मानव स्वास्थ के लिए हानिकारक है तथा दोनों अपने शीघ्र आर्थिक लाभ के लिए इसका कारोबार कर रहे हैं.
पनीर को कराया नष्ट
दोनों के पास मौजूद पनीर का पृथक पृथक् नियमानुसार नमूना संग्रहीत किया गया तथा दोनों की पृथक पृथक् लिखित सहमति प्राप्त कर दोनों के शेष बचे पनीर जिसका बाजारू मूल्य 220 रुपया प्रति किलोग्राम की दर से लगभग रुपया एक लाख दस हज़ार हुआ को एक साथ उन दोनों के खर्चे पर जन स्वास्थ के दृष्टिगत जेसीबी से गहरा गड्ढा खुदवा कर उसमें दफन कर इस प्रकार नष्ट कराया. नरेन्द्र राठौर पुत्र श्री श्यामलाल के खाद्य पंजीकरण तथा काहना डेयरी, नगला धनिया, बिरहरू, खैरागढ़ के लाइसेन्स सस्पेंशन की संस्तुति की जा रही है.