आगरालीक्स…आगरा में स्कूल और पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी पर नहीं लगा अंकुश. कागज पर बना रहे बिल, जीएसटी बिल मांगने पर बुक सेट देने से कर रहे इनकार…
आगरा में नया सेशन शुरू होने के बाद ही स्कूल और पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है. मनमानी कीमतों पर बिना बिल के लिए बुक सेट अभिभावकों को दिए जा रहे हैं. पक्का बिल मांगने पर बुक सेट देने से इनकार किया जा रहा है. स्कूल प्रबंधन और पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी के विरोध में अभिभावक संघ की ओर से पिछले दिनों प्रशासन से शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन इसके बावजूद इनकी मनमानी पर अंकुश नहीं लग रहा है.अभिभावक संघ के सक्रिय सदस्यों — डॉ. मदन मोहन शर्मा, नकुल सारस्वत एवं विधायक शर्मा ने आगरा स्थित महेश बुक डिपो सेलर से जीएसटी बिल की मांग की. काफी जद्दोजहद और बहस के बाद ही विक्रेता द्वारा पक्का बिल उपलब्ध कराया गया. यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जिलाधिकारी द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु जारी आदेशों के बावजूद स्कूलों और उनसे जुड़ी दुकानों में अब भी मनमानी जारी है. अभिभावक संघ ने इसकी शिकायात ट्वीटर के माध्यम से सीएम योगी और शिक्षा विभाग से भी की है.
मुख्य बिंदु:स्कूल परिसरों में या उसके आसपास अवैध रूप से दुकानें संचालित हो रही हैं, जो बिना किसी अधिकृत पंजीकरण के अभिभावकों से मनमाने दाम वसूल रही हैं।
अधिकतर विक्रेताओं द्वारा जीएसटी कानून की खुली अवहेलना की जा रही है। पक्का बिल माँगने पर या तो मना कर दिया जाता है या अत्यधिक दबाव पर ही उपलब्ध कराया जाता है।
पार्किंग के नाम पर अभिभावकों से शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि न तो कोई निर्धारित पार्किंग व्यवस्था है,न ही सुरक्षा के उचित प्रबंध। अभिभावक संघ की मांगें:
अवैध रूप से संचालित सभी दुकानों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाए।
हर विक्रेता को जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य किया जाए एवं प्रत्येक खरीद पर पक्का बिल प्रदान किया जाए।
ऐसे सभी स्कूलों पर कार्यवाही की जाए जो अभिभावकों को नामित दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं।
पारदर्शी और सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था लागू की जाए।
बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत हो रही धांधली और शोषण को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए हर बच्चे को समान, निःशुल्क और पारदर्शी शिक्षा मिलना उसका संवैधानिक अधिकार है।