आगरालीक्स…आगरा के दयालबाग में अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी में नेशनल सिस्टम्स गोल्ड मेडल आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा को मिला. प्रो. आनंद श्रीवास्तव और डॉ.वी नटराज को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड….
आगरा के दयालबाग में चल रहे दयालबाग (कला), विज्ञान एवं इंजीनियरिंग चेतना (डीएससी) पर आयोजित 8वें अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी तथा 49वें राष्ट्रीय सिस्टम सम्मेलन का अंतिम दिन बुधवार को अनेक रोचक एवं ज्ञानवर्धक सत्रों के साथ संपन्न हुआ। सिस्टम्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (SSI) की वार्षिक आम सभा की बैठक के बाद बहुप्रतीक्षित पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सिस्टम्स सोसाइटी ऑफ इंडिया के चयनित सदस्यों को उनके संबंधित पेशेवर एवं शोध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित SSI पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार प्रो. सी. पटवर्धन, अध्यक्ष, SSI एवं निदेशक, DEI द्वारा प्रदान किए गए। जर्मनी के कील विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित गणितज्ञ एवं कंप्यूटर वैज्ञानिक प्रो. आनंद श्रीवास्तव, तथा भारत के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्टों में से एक डॉ. वी. नटराजन को समाज के लिए उनके उल्लेखनीय योगदान के सम्मान में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स’ प्रदान किए गए। इसके बाद प्रतिष्ठित ‘नेशनल सिस्टम्स गोल्ड मेडल’ IIT रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा को प्रदान किया गया। ‘द सिस्टम्स सोसाइटी राजकुमार वार्ष्णेय अवॉर्ड’ ICAR-IIMR की डॉ. सी. तारा सत्यवती को दिया गया। ‘SSI विक्रम अवॉर्ड’ यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो की डॉ. आशिता अल्लमरजू को प्रदान किया गया तथा ‘यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’ कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, USA के डॉ. अनुभव नानावती को प्रदान किया गया।
इनको भी मिले पुरस्कार
DSC और NSC दोनों संगोष्ठियों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र (Best Paper) तथा पोस्टर प्रस्तुति के पुरस्कार शामिल थे। इन पुरस्कारों को प्रो. पम्मी दुआ और प्रो. आनंद श्रीवास्तव ने प्रदान किया। DSC Best Paper के लिए सुश्री स्वाति इदानी और उनके सह-लेखकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि DSC Best Poster का पुरस्कार प्रो. आनंद मोहन, कनिका कौश्था, हंस मोहन और नगमा मार्कन को प्रदान किया गया। स्कूल स्टूडेंट्स श्रेणी में DSC के विशेष सत्र के दौरान दयाल अनुपमा न्यारी, अनमोल बंदगी सत्संगी और सुमेरा कुमार ने क्रमशः प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए।
NSC के विभिन्न ट्रैक्स के लिए Best Paper Awards निम्न प्रतिभागियों को प्रदान किए गए:
Track-1: शब्द साहनी, सुरत साहनी और डॉ. ए. चरण कुमारी
Track-2: निधि त्यागी, डॉ. श्रीकांत साहू, डॉ. सुधीर कुमार वर्मा, डॉ. सचिन सक्सेना, डॉ. आशीष कुमार सतपती, गुरचरण मार्चंडा और डॉ. अमला चोपड़ा
Track-3: झनकार नैय्यर और डॉ. दयाल प्यारी श्रीवास्तव
NSC के Junior Category Best Poster Award से सिमरन मेहता, दृष्टि मेहता, श्रद्धा प्रियदर्शी, सुधि सारण, सारंग माथुर और धुन सत्संगी को सम्मानित किया गया। Senior Category में Best Poster का पुरस्कार प्रेम सखी, पूर्णिमा भटनागर और प्रो. पम्मी दुआ को प्रदान किया गया।
पुरस्कार समारोह के बाद “TEASE (Towards Evolutionary/Re-Evolutionary Art, Science and Engineering of Consciousness)” विषय पर एक अत्यंत संवादात्मक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने अपने विचारों को ज्ञानवर्धक एवं रोचक तरीके से साझा किया। पैनल में गुर स्वरूप सूद, अध्यक्ष, राधा स्वामी सत्संग सभा, दयालबाग एवं DEI; प्रो. वी.बी. गुप्ता, कोऑर्डिनेटर, ओपन डिस्टेंस लर्निंग, DEI; प्रो. आनंद श्रीवास्तव, एमेरिटस प्रोफेसर, फ्रैंकफर्ट विश्वविद्यालय, जर्मनी एवं DSC 2026 के आयोजक; प्रो. पम्मी दुआ, फॉर्मर डायरेक्टर, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एवं सदस्य, प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद; प्रो. सरूप रानी माथुर, एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी, USA; प्रो. एंड्रियास नेहरिंग, यूनिवर्सिटी ऑफ एर्लांगेन-नूर्नबर्ग, जर्मनी; प्रो. हुज़ूर सरन, IIT दिल्ली; प्रो. पी.के. कालरा, पूर्व प्रोफेसर, IIT दिल्ली; डॉ. अपूर्व नारायण, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो, कनाडा; प्रो. सी. पटवर्धन, निदेशक, DEI; प्रो. संजीव स्वामी, रजिस्ट्रार, DEI; तथा श्रीमती स्नेह बिजलानी, कोषाध्यक्ष, DEI शामिल थे।
प्रो. संजय भूषण ने पैनल चर्चा के दौरान कुशलतापूर्वक संचालक (Moderator) की भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मेलन का समापन प्री-लंच सत्र में DSC एवं NSC 2027 के आयोजन के लिए Consensus-Building Meeting भी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रो. सी. पटवर्धन, निदेशक, DEI ने की। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें DEI के विद्यार्थियों तथा दयालबाग संत सुपरह्यूमन इवोल्यूशनरी स्कीम के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। संत सुपरह्यूमन इवोल्यूशनरी स्कीम के बच्चों ने दो अत्यंत मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं—पहली, जयदेव के अष्टपदी के हिंदी अनुवाद पर आधारित ओडिसी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति तथा दूसरी, सूफी परंपरा की जीवंत लय पर आधारित ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुति।