आगरालीक्स…आगरा के एक हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त. सेन हॉस्पिटल में आपरेशन पर लगाई गई रोक…स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन
आगरा में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है. श्री महालक्ष्मी हॉस्प्टिल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है तो वहीं कोठी मीना बाजार स्थित सेन हॉस्पिटल में आपरेशन पर रोक लगा दी गई है. अस्पताल के ओटी को बंद कर दिया गया है और डॉक्टरों के चिकित्सकीय कार्य पर भी रोक लगा दी गई है.
श्री महाक्ष्मी हॉस्प्टिल का रजिस्ट्रेशन कैंसिल
आगरा के बोदला स्थित श्री महालक्ष्मी हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया है. यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच और सुबूत के आधार पर सिजेरियन डिलजीवर से हुई प्रसूता की मौत के मामले में यह कार्रवाई की है. 27 अगस्त को श्री महालक्ष्मी हॉस्पिटल में अकोला के बीसलपुर की रहने वाली 23 वर्षीय पूजा को भर्ती कराया गया था. सिजेरियन डिलीवरी से बेटे को जन्म देने के बाद पूजा की 31 अगस्त को मौत हो गई थी. परिजनों के हंगामा करने कें बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 13 सितंबर को यहां छापा मारा और हॉस्पिटल में इलाज पर रोक लगा दी थी. इस मामले में हॉस्पिटल संचालक धर्मेंद्र ने बयान दिया था कि सिजेरियन डिलीवरी सर्जन डॉ. अजय अग्रवाल और एनेस्थेटिस्ट डॉ. ज्योति द्वारा कराई गई थी. लेकिन डॉक्टर ज्योति ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने आपरेशन नहीं किया. स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्प्टिल के आपरेशन थियेटर के बाहर लगे सीसीटीवी की जांच की तो सामने आया कि हॉस्पिटल की डिलीवरी झोलाछाप ने कराई थी. सीसीटीवी में तीन लोग अंदर जाते हुए दिखाई दिए. इनमें से एक टेक्नीशियन है. इनके द्वारा आपरेशन किया गया. इन तीनों को चिन्हित किया जा रहा है.
डॉ. अजय अग्रवाल को भी नोटिस
सीएमओ अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि श्री महालक्ष्मी हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है. आपरेशन के समय डॉ. अजय अग्रवाल भी नहीं दिखाई दिए थे जबकि उन्होंने लिखित में बयान दिया था कि उन्होंने आपरेशन किया है. गलत जानकारी देने पर स्वासथ्य विभाग से रिटायर्ड डॉ. अजय अग्रवाल को नोटिस दिया गया है. इसके अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन को भी डॉ. अजय अग्रवाल का पंजीकरण निरस्त करने के लिए लैटर लिखा गया है. जाचं चल रही है दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

सेन हॉस्टिपल में लगी आपरेशन पर रोक
श्री महालक्ष्मी हॉस्पिटल के अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को कोठी मीना बाजार स्थित सेन हॉस्पिटल में आपरेशन पर रोक लगा दी है. यहां बेसमेंट में संचालित नेत्र आपरेशन थिएटर की ओटी को बंद करा दिया गया है और डॉ. शुभांजलि और डॉ. मीनाक्षी के चिकित्सकीय कार्य पर भी रोक लगा दी गई है. बता दें कि फतेहपुर सीकरी से विधायक चौधरी बाबूलाल की भतीजी पिंकी चौधरी की सेन हॉस्पिटल में 14 अगस्त को सिजेरियन डिलीवरी के समय तबियत बिगड़ गई थी. उनहें मेदांता रेफर किया गया लेकिन तीन दिन बाद पिंकी चौधरी की मौत हो गई. सेन हॉस्पिटल में डॉ. अलका सेन और डॉ. शुभांजलि ने डिलीवरी कराई. सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव के अनुसार पोस्टमार्टम और डॉक्टर के पैनल द्वारा की गई जांच में डॉ. अलका सेन की लापरवाही सामने आई है. निरीक्षण के दोरान अस्प्ताल में दस्तावेजों की जांच की गई. रजिस्ट्रेशन में ऐनेथेसिस्ट का नाम दर्ज नहीं है और डॉ. शुभांजलि और डॉ. मीनाक्षी का भी नाम पैनल में नहीं है. अस्पताल में आपरेशन पर रोक लगा दी गई है तथा दोनों ही डॉक्टरों के चिकित्सकीय कार्य पर भी रोक लगाई गई है.