आगरालीक्स ….आगरा में आई बाढ़, 1996 का टूट सकता है रिकॉर्ड, एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी, स्कूल डूबा, गांव खाली कराने के लिए मुनादी। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि राहत कार्य जारी है, 1996 के बाद 2019 और 2021 में चंबल का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है।

बारिश के बाद कौटा बैराज के 16 गेट खोल दिए गए हैं, इससे चंबल में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। चंबल क्षेत्र में आगरा के पिनाहट, बाह के साथ ही राजाखेड़ा के गांव आते हैं। चंबल में खतरे का निशान 130 मीटर पर है लेकिन यह बुधवार सुबह 132 मीटर को पार कर गया और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
136 मीटर पार कर सकता है जलस्तर
चंबल में बाढ़ के लिए खतरे का निशान 130 मीटर पर है, लेकिन कोटा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। कोटा बैराज से 17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे बुधवार रात तक चंबल का आगरा में जलस्तर 135 के पार पहुंच सकता है यह 136 को पार कर नया रिकार्ड भी बना सकता है। इससे पहले 1996 में चंबल का जलस्तर 136.60 मीटर तक पहुंचा था, पिछले साल 2021 में 135 मीटर पार हो गया था, इसे देखते हुए प्रशासन ने इंतजाम किए हैं।

डीएम प्रभु एन सिंह का मीडिया से कहना है कि राइजिंग ट्रेंड है, पीछे से इनपुट मिला है और हमारी टीम बता रही है कि बुधवार शाम तक चंबल का जलस्तर 135.50 मीटर तक पहुंच सकता है। वैसे बारिश नहीं हुई है, इससे राहत मिल सकती है, बाह और पिनाहट के 12 से अधिक गांव में बचाव और राहत कार्य के लिए टीमें तैनात की गई हैं।