आगरालीक्स…आगरा में संतश्री विजय कौशल जी महाराज ने कहा—सिर्फ पूजा पाठ या ग्रंथों के पढ़ने से व्यक्ति अच्छा नहीं बन सकता. ऐसा होता तो घर—घर में महाभारत नहीं हो रही होती. अच्छा बनना है तो अच्छे काम करिए. मंगलमय परिवार मिलन कार्यक्रम में बृज की समस्याओं पर प्रकाश डाला
पूजा पाठ का ग्रंथों का पाठन व्यक्ति को अच्चा नहीं बना सकता। ऐसे होता तो आज घर-घर में महाभारत नहीं हो रही होती। अच्छा बनना है तो अच्छे काम करिए और अच्छे लोगों के पास बैठिए। अच्छे लोगों की पहचान यह है कि जिनके पास आपको छुपकर या चोरी से न जाना पड़े। अच्छे काम वह हैं, जिन्हें करने पर किसी का दुख दर्द दूर हो और चेहरे पर मुस्कुराहट आए लेकिन पको कोई आर्थिक लाभ न हो। सूरसदन में मंगलमय परिवार मिलन कार्यक्रम में यह बात परम पूज्य संत श्री विजय कौशल जी महाराज ने कही। श्रीराधे-राधे गोविन्द-गोविन्द राधे संकीर्तन के साथ प्रारम्भ हुए संत श्री के कार्यक्रम मन की बात में उन्होंने बृज क्षेत्र की समस्याओं और सुधार के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि बृज के 84 कोस के प्रत्येक गांव में लीलाएं हुई हैं। गांव की कोई गली और घर ऐसा नहीं जहां भगवान के चरण न गए हों। पूरा बृज भगवान का धाम है। इसी के दर्शन करने समस्त विश्व आता है। जिन्हें रहने और भोजन की समस्याओं से जूझना पड़ता है। नशे की लत भी बहुत बड़ी समस्या है बृज क्षेत्र में। 30-35 वर्ष की उम्र में टीबी के रोगी हो जाते हैं। दूध दही की नदिया बहने वाले बृज में टीबी हॉस्पीटल भी है। ईश्वर की कृपा से ऐसे तीर्थयात्रियों के लिए हॉस्पीटल बनवाया जा रहा है। साथ ही सरकार की मदद से तीर्थयार्थियों के निशुल्क भोजनालय भी बनने जा रहा है। जहां भोजन संचालन समिति के तहत मंगलमय परिवार के लोग भोजन कराने की जिम्मेदारी सम्भालेंगे।

बैंड बाजों संग पुष्प वर्षा कर हुआ संत विजय कौशल जी का स्वागत
आगरा। बैंड बाजों पर श्रीराम के भक्तिमय भजनों की पावन धुन और महकते पुष्पों की वर्षा। कुछ इसी अंदाज में संतश्री विजय कौशल जी महाराज का स्वागत किया गया। सभी भक्तजनों का स्वागत माथे पर चंदन लगाकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन रूप किशोर अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर मंगलमय परिवार की प्रथम पत्रिका मंगल दर्शन का संत श्री विजय कौशल महाराज ने विमोचन किया। पत्रिका के विषयों पर राहुल अग्रवाल ने प्रकाश डाला। प्रधान संपादक प्रतिभा जिंदल व संपादन निखिल गर्ग व मुकेश नेचुरल का सहयोग रहा।
इनकी रही विशेष रही विशेष उपस्थिति
डॉ. आरएस पारीक, वीडी अग्रवाल, सुरेशचंद गर्ग, मुरारीलाल फतेहपुरिया, राकेश अग्रवाल, घनश्यामदास अग्रवाल, महावीर मंगल, महेश गोयल, मुरारीप्रसाद अग्रवाल, कमलनयन मित्तल, खेमचंद गोयल, संजय गोयल, सरजू बंसल, टीएन अग्रवाल, हेमन्त भोजवानी, राकेश जैन, विनोद गोयल, अखिल मोहन, प्रशान्त मित्तल, निखिल गर्ग, मुरारीप्रसाद अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, निकिता अग्रवाल, सुनीता, रितु, वंदना, नीलू, रीना आदि उपस्थित थीं।