आगरालीक्स…आगरा में स्ट्रीट फूड से लेकर रेस्टोरेंट में अमूल घी में खाना बन रहा है, ये नकली तो नहीं. आगरा की फैक्ट्री में अमूल सहित 18 ब्रांड के नकली घी में चौंकाने वाला खुलासा…
आगरा के ताजगंज स्थित रुति सिटी रोड पर नकली देसी घी बनाने वाली एक फैक्ट्री को पकड़ा है. पुलिस और एसओजी की टीम ने इस फैक्ट्री में छापा मारकर अमूल, पतंजलि और मधुसूदन सहित 18 मशहूर ब्रांडों के नाम की पैकिंग में नकली देसी घी जब्त किया है. टीम ने यहां से फैक्टरी मैनेजर सहित पांच लोगों को अरेस्ट भी किया है.
करोड़ों का माल बरामद
पुलिस ने फैक्टरी से भारी मात्रा में बना हुआ घी, कच्चा माल, कई ब्रांडेड कंपनियों के स्टीकर, प्रयोग की जाने वाली मशीनें, पैकिंग मशीन आदि बरामद की गई है. पुलिस ने बरामद माल की कीमत करोड़ों की है. डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि यह फैक्टरी छह महीने पहले ही खुली थी और यहां से पूरे प्रदेश में नकली देसी घी की सप्लाई की जा रही थी.
टिनशेड में चल रही थी फैक्टरी
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि मारुति सिटी रोड पर प्रभासम कॉलोनी में राजेश अग्रवाल नामक व्यक्ति के प्लॉट में टिनशेड डालकर फैक्टरी संचालित की जा रही थी. यह प्लॉट किराये पर ले रखा था. पूछताछ में बताया गया कि ग्वालियर निवासी ब्रजेश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, नीरज अग्रवाल का प्यार इट के नाम से देसी घी का ब्रांड है. कॉलोनी के ही रहने वाले राजेश भारद्वाज मैनेजर था.
जिस ब्रांड की डिमांड, उसी के स्टीकर से डब्बा तैयार
पुलिस ने बताया कि बाजार में जिस ब्रांड की डिमांड मिलती थी, उसी ब्रांड के स्टीकर लगाकर टिन और डिब्बों में पैक कर नकली घी तैयार कर दिया जाता था. पुलिस ने बताया कि नकली देसी घी प्रदेश के आसपास के राज्यों में भी सप्लाई किया जा रहा था.
ऐसे तैयार हो रहा था नकली घी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि देसी घी की लोगों को पहचान नहीं है. कोई खुशबू देखता है तो कोई दाने. वो लोग पॉम आयल, रिफाइंड, वनस्पति घी, केमिकल को मिलाकर देसी घी तैयार किया करते थे. उसमें एसेंस मिलाते थे, ताकि खुशबू आए. एक्सपायरी डेट का रिफाइंड भी मिला. एक किलो घी 170 रुपये में तैयार हो रहा था और उसे 600 से 700 रुपये तक में बेचा जा रहा था.
आगरा में रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड में इस्तेमाल हो रहा घी
आगरा में स्ट्रीट फूड से लेकर रेस्टोरेंट और होटल्स तक में अमूल, पतंजली सहित सभी मशहूर ब्रांड के देसी घी में खाना तैयार हो रहा है. लोग भी बड़े चाव से खा रहे हैं और देसी घी में खाना बनाने की कीमत भी अदा कर रहे हैं लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि कहीं मशहूर ब्रांडों के नाम पर नकली घी तो नहीं उपयोग हो रहा है.