आगरालीक्स…आगरा के अस्पतालों से हर दिन 1800 किग्रा बायोमेडिकल वेस्ट का होता है निस्तारण. सॉलिड वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट का वैज्ञानिक विधि से होगा निस्तारण. ये निर्देश मिले
न्यायाधीश और एनजीटी व राष्ट्रीय हरि नयाधिकरण के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की अध्यक्षता में सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में एनजीटी के आदेशों के अनुपालन तथा जिला पर्यावरण प्लान से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में उनके द्वारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलेशन वेस्ट प्रोसेसिंग, ई वेस्ट, बायोमेडिकल वेस्ट, माइनिंग एक्टिविटी, ध्वनि प्रदूषण,एयर क्वालिटी, डोमेस्टिक सीवेज प्रबंधन इंडस्ट्रियल वेस्ट, वाटर क्वालिटी,ग्रीन बेल्ट इत्यादि बिंदुओं पर संबंधित विभागों से किए जा रहे कार्यों, उनकी प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में आगरा नगर निगम के पर्यावरण अभियंता ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि वर्ष 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में जनपद की 23वी रैंकिंग है, कूड़े के डोर टू डोर कलेक्शन किया जाता है, ताजमहल क्षेत्र, रिहायशी क्षेत्र तथा व्यवसायिक क्षेत्र में में कूड़ा संकलन हेतु 1900 वाहन लगे हैं जो सूखा तथा गीला कूड़े को अलग अलग संकलित करते हैं, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। आबादी क्षेत्र में पूर्व में बने विभिन्न स्थानों पर ढलाव घर को समाप्त कर वहां सेल्फी प्वाइंट, बैठने का स्थान, छोटे पार्क, मार्केट विकसित किया है।
शहर में 360 दिन एयर क्वालिटी मानक रहने पर राज्य स्तर पर अवार्ड भी प्रदान किया गया है, जल छिड़काव, पेड़ों की सिंचाई, धुलाई हेतु स्प्रिंग्लर मशीन की व्यवस्था की गई है, फ्लावर कंपोस्ट, गोबर कंपोस्ट, सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की कार्य योजना का विवरण दिया गया तथा उससे उत्पन्न उत्पाद से नगर निगम की आय, प्लास्टिक कचड़े का प्रबंधन से एनजीटी सदस्य को अवगत कराया गया। बैठक में बताया गया कि निगम द्वारा 37 एकड़ भूमि ली गई है जिसमें सॉलिड वेस्ट का निस्तारण होगा, मा. सदस्य महोदय द्वारा उक्त भूमि पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के साथ वन विभाग से समन्वय कर ग्रीनरी विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जल निगम को निर्देशित किया कि सीवेज का पानी नदी में प्रवाहित न हो इस हेतु सीवेज कैनाल विधि से उसे सिंचाई हेतु किसानों को उपलब्ध कराएं, जहां एसटीपी न हो वहां तालाब बनाकर मत्स्य पालन कराने के निर्देश दिए। सदस्य ने यमुना में जल प्रवाह की भी जानकारी ली जिसमें बताया गया कि 125 क्यूसेक जल गोकुल बैराज से मिल रहा है उन्होंने यमुना नदी को विरासत बताते हुए मानक अनुरूप प्रवाह बनाए रखने को निर्देशित किया, तथा सभी नदी में गिरने वाले नालों की टैपिंग करने,तथा जो नाले अभी टैप नहीं किए गए हैं उनमें प्रदूषित जल उपचार के लिए इस हेतु विभिन्न वनस्पतियां विकसित कर नालों में डालने के निर्देश दिए।
बैठक में एनजीटी सदस्य ने नगर पंचायत व नगर पालिकाओं में सीवरेज, कूड़ा डंपिंग जल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी ली तथा जरूरी दिशा निर्देश दिए, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले सभी वाहनों को जीपीएस युक्त करने,कूड़ा उठान हेतु वाहनों की फेरी बढ़ाने, प्रतिदिन मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, प्लास्टिक वेस्ट के प्रति गांव में भी जागरूकता अभियान चलाने, प्लास्टिक न जलाने, तथा पॉलिथीन के विकल्प हेतु नगर निगम द्वारा कुछ नवोन्वेष करने हेतु निर्देश दिए, होटल, अस्पताल, मैरिज होम इत्यादि की अनुमति से पहले ग्राउंड वाटर रिचार्ज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा नगरायुक्त के उपस्थित न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बायो मेडिकल वेस्ट की जानकारी के क्रम में बताया गया कि 1800किलोग्राम प्रतिदिन अस्पतालों से बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण किया जाता है। जनपद में अस्पतालों में कुल बेड की संख्या पूछे जाने पर वह संतोषजनक जवाब न देने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा 10 बेड से ऊपर प्रत्येक अस्पताल की मॉनिटरिंग कर बायोमेडिकल वेस्ट के समुचित निस्तारण कराने तथा इस हेतु जिलाधिकारी के साथ सभी अस्पताल संचालकों की बैठक कराने के निर्देश दिए। बैठक में ई वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा में बताया गया कि इस हेतु 3 फर्म काम कर रही है तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा रहा है, जनपद में वेटलैंड एरिया को नोटिफाई कराने, तालाबों को पुनर्जीवित करने की कार्य योजना बनाने, यमुना नदी के 200 मीटर क्षेत्र में निर्माण तथा अतिक्रमण न होने देने तथा फ्लड प्लेन जोन को चिन्हित कर प्रति 500 मीटर पर पिलर लगाने तथा नो डेवलपमेंट जोन के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
ध्वनि प्रदूषण को कम करने हेतु प्रभावी उपाय करने तथा जल, जंगल, जमीन के संरक्षण हेतु स्कूल/कॉलेज तथा आम जनमानस में जागरूकता हेतु अभियान चलाने के निर्देश दिए, तथा बताया कि आगरा ऐतिहासिक शहर है यहां ताजमहल के साथ साथ अनेक प्राकृतिक धरोहर हैं जिनका संरक्षण सभी विभाग सम्मिलित योजना बनाकर करें, पर्यावरण बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सतत विकास,संसाधनों का इस प्रकार उपयोग हो कि अगली पीढ़ी भी उपयोग कर सके।
बैठक में जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, पुलिस उपायुक्त केशव कुमार चौधरी, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग आदर्श कुमार, अपर नगरायुक्त सुरेन्द्र यादव, नगर निगम के पर्यावरण अभियंता श्री पंकज भूषण, एसीपी ताज सुरक्षा श्री सैय्यद अरीब अहमद, एसीएम, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।