आगरालीक्स…आगरा में स्टेशनरी हुई महंगी. कापियों के पेज कर दिए काफी कम. A4 शीट, कॉपी, पेंसिल, कलर, ड्राइंग पेपर सब हुए महंगे.
स्कूल, कॉलेज के स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों पर हाल के दिनों पर महंगाई का काफी बोझ देखने को मिला है. स्टेशनरी पर महंगाई काफी बढ़ गई हे. कागज और कच्चे माल की लागत बढ़ने से कॉपी किताब और स्टेशनरी की कीमतों में काफी इजाफा देखने को मिला है. इन पर 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है. कारोबारियों की मानें तो स्टेशनरी सामान पर जीएसटी बढ़ोतरी को इसका कारण बताया जा रहा है. उनका कहना है कि स्टेशनरी तो अगस्त में ही महंगी हो चुकी है, लेकिन इसका असर अब दिखाई दे रहा है. 5 रुपये वाली पेंसिल और पेन 6 रुपये के कर दिए गए हैं और इसके अलावा 20 रुपये की कॉपी पर 5 रुपये तो वहीं 40 रुपये की कॉपी पर 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. ड्राइंग शीट हो या फिर रफ रजिस्टर, हर किसी पर रेट बढ़ाए गए हैं. यही नहीं शार्पनर और इरेजर तक महंगी कर दी गई हैं.

A4 शीट का एक पैकेट 90 रुपये तक महंगा
कारोबारियों और दुकानदारों की मानें तो आज से चार महीने पहले A4 शीट का एक पैकेट 160 रुपये तक में मिल जाता था लेकिन अब इसकी कीमत 250 रुपये तक कर दी गई है. इसके कारण फोटोस्टेट पर भी रेट बढ़ाए गए हैं. कारोबारियों का कहना है कि कॉपी किताबों के लिए जरूरी कच्ची लुगदी की बाजार में कमी हो गई है जिसके कारण इनकी कीमतों में इजाफा हो रहा है और इसका मुख्य कारण जीएसटी बढ़ोतरी भी है.
कॉपियों से पेज हो गए कम
आगरा के स्टेशनरी विक्रेताओं की मानें तो ब्रांडेड कॉपियों में पन्नों की संख्या कम करने के साथ ही इनकी लंबाई और चौड़ाइ्र में भी कमी की गई हे. 128 पेज की कॉपी को 120 पेज का कर दिया गया है जबकि 64 पेज की कॉपी घटकर 48 पन्नों की रह गई है. रफ पेज की कापियों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. 80 रुपये में मिलने वाली रफ कापी अब 100 रुपये की हो गई है. इसके अलावा पेंसिल, शार्पनर, स्याही और कलम पर जीएसटी 12 प्रतिशत से 18 प्रतिशत अगस्त में कर दी गई है जिसके कारण इनके दाम भी बढ़ गए हैं.