आगरालीक्स…आगरा में श्रीराम कथा कह रहे राजन जी महाराज ने सुनाई शिव—पार्वती विवाह की कथा..हर—हर महादेव और जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा पंडाल
विख्यात मानस मर्मज्ञ राजन जी महाराज ने रविवार को श्री राम कथा के प्रथम दिवस शिव-पार्वती कथा का श्रवण कराया। भगवान शंकर का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि पति सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। बल्केश्वर महादेव मंदिर पर श्री राम कथा का आयोजन रविवार से शुरू हो गया। पहले दिन राजन जी महाराज ने शिव –पार्वती विवाह की कथा श्रवण कराई। उन्होंने कहा कि माता पार्वती ने कई वर्षों तक शिवजी को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या की। जब शंकर जी दूल्हा बनकर चले तो उनके साथ देवताओं, भूत, प्रेत, अनेक रूप बनाकर हिमाचल के नगर की तरफ शोर गुल मचाते हुए चल दिए। बरात में राजा हिमाचल के नगर में पहुंची तो लोग भागने लगे। रानी मैनावती के हाथों से पूजा की थाली गिर गई। भंयकर भेष में शंकर को देखकर सभी लोग नारद जी को दोष देने लगे। मैनावती माता पार्वती को गोद में लेकर विलाप करने लगीं। वे कहती हैं कि शंकरजी के साथ मैं अपनी बेटी का विवाह नहीं करूंगी चाहे जो भी हो जाए। नारद जी आये और उन्होंने मैनावती को बताया कि जिसे आप अपनी बेटी समझ रहे हैं, वे शक्ति स्वरूपा हैं।

राजन जी ने कहा कि विदा के दौरान मैना रानी ने पार्वती जी समझाया कि हमेशा अपने पति की सेवा करना। पति धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। पत्नी के लिए पति से बड़ा संसार में कोई देवता नहीं है। कथा पंडाल हर हर महादेव ओर जय श्री राम के नाम से गूँज उठा,बाबा बल्केश्वर नाथ के भक्तों ने कथा का श्रवण किया ।।