आगरालीक्स…कहानी एक दिन में नहीं उपजती, अपने अंदर के भाव को परिपक्वता देनी होती है. विवि में एक कहानी उत्सव और प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में हिंदी कौशल विकास के अंर्तगत एक दिवसीय कहानी उत्सव एवं प्रतियोगिता का आयोजन कुलपति प्रो आशु रानी के निर्देशन एवं अध्यक्षता में पालीवाल पार्क परिसर स्थित केएमआई संस्थान में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो उषा यादव रहीं, जिन्होंने कहानी की विभिन्न विधाओं पर प्रकाश डाला एवम कहानियों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि कहानी एक दिन में नही उपजती, अपने अंदर के भाव को परिपक्वता देनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त बहुत से विशिष्ट पहलुओं पर प्रकाश भी डाला।

विशिष्ट अतिथि प्रो. वेद त्रिपाठी जी ने साहित्य को सत्यता पर आधारित बताया एवम इतिहास में सत्य कैसे खो जाता है इस पर प्रकाश डाला। उन्होंने रोचक कहानियाँ सुना कर अपने वक्तव्य को रोचक बनाया। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ नीलम यादव रही, जिन्होने भाषा कौशल विकास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संयोजक डॉ केशव शर्मा एवं सह समन्वयक डॉ शालिनी श्रीवास्तव रहीं।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान BA की छात्रा कुमारी शिखा दुबे ने प्राप्त किया, द्वितीय स्थान भाषाविज्ञान की संतोष कुमारी ने व तीसरा स्थान सुषेण शर्मा ने प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त MA हिंदी के सत्यम व शानू धाकरे को प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त हुआ।कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो प्रदीप श्रीधर, डॉ संदीप शर्मा,डॉ वर्षा रानी, डॉ प्रमोद, कृष्ण कुमार कनक,वुने कांत,ज्योति मित्तल इत्यादि उपास्थि रहे। संचालन डॉ केशव शर्मा ने किया।