आगरालीक्स…आगरा में 201 साल पुराने आगरा कॉलेज का नाम बदलने का प्रस्ताव. शिक्षकों में रोष. बोले—आगरा कॉलेज एक नाम नहीं, बल्कि आगरा की पहचान का प्रतीक…
महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर एक जून को जीआईसी मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे. इसके साथ ही अभिनेता अनिल जॉर्ज के भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महारानी अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ किसी एक जगह का नाम बदलकर महारानी अहिल्याबाई होल्कर किए जाने की घोषणा कर सकते हैं। जिन जगहों के नाम बदले जाने हैं उसमें ग्रेटर आगरा, 201 साल पुराने आगरा कॉलेज, शाहजहां पार्क, आईएसबीटी, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का नाम बदलकर महारानी अहिल्याबाई करने का प्रस्ताव भेजा गया है. मुख्यमंत्री स्तर से निर्णय लिया जाना है कि किस एक जगह का नाम बदल जाएगा.आगरा कॉलेज के शिक्षकों में रोष
शनिवार को जब आगरा कॉलेज, आगरा के शिक्षकों को यह जानकारी प्राप्त हुई कि महाविद्यालय के नाम परिवर्तन पर शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है, तो पूरे शिक्षक समुदाय में गहरा असंतोष उत्पन्न हुआ. इस विषय में स्टाफ क्लब, आगरा कॉलेज, आगरा की ओर से शिक्षकों ने एक विरोध ज्ञापन तैयार कर प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम को सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से उनसे अनुरोध किया गया कि वे इस विषय में मंडलायुक्त, आगरा एवं अध्यक्ष प्रबंध समिति के माध्यम से शासन को शिक्षकगण की भावनाओं से अवगत कराएं.
शिक्षकों का स्पष्ट मत है कि “आगरा कॉलेज” केवल एक नाम नहीं, बल्कि आगरा शहर की ऐतिहासिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है. 1823 में स्थापित यह संस्थान न केवल उत्तर भारत के प्राचीनतम महाविद्यालयों में से एक है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम, समाज सुधार और आधुनिक शिक्षा आंदोलनों से भी गहराई से जुड़ा रहा है. इस ज्ञापन को सौंपने वालों में प्रमुख रूप से स्टाफ क्लब सचिव प्रोफेसर विजय कुमार सिंह, डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. भूपेंद्र कुमार चिकारा, उपप्राचार्य डॉ. पी बी. झा, प्रोफेसर भूपाल सिंह, प्रोफेसर विक्रम सिंह, डॉ. रंजीत सिंह, अविनाश जैन, सत्यदेव शर्मा, धर्मवीर सिंह, डॉ. केशव सिंह और डॉ. सोनल सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे. शिक्षकों ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अनुचित, अव्यावहारिक और ऐतिहासिक विरासत के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की माँग की है.