आगरालीक्स…आगरा में इस भीड़ को देखिए, ये भीड़ है सरकारी शिक्षकों की. आनलाइन हाजिरी के विरोध में शिक्षकर कर रहे प्रदर्शन…अपनी राय दीजिए और पढ़ें पूरी खबर
आनलाइन हाजिरी के विरोध में अब शिक्षक पूरी तरह से मुखर होने लगे हैं. लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. आनलाइन हाजिरी के विरोध में आगरा में भी व्यापक रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है. इसका नजारा आज आगरा के कलक्ट्रेट पर भी देखने को मिला. संघर्ष समिति के आहृवान पर प्राथमिक शिक्षकों के साथ शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय से विरोध मार्च निकाला. यह मार्च कलक्ट्रेतक पहुंचा. यहां भारी संख्या में आनलाइन हाजिरी के विरोध में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा. शिक्षकों का कहना है कि आनलाइन उपस्थिति लागू नहीं की जाए.
इसके अलावा प्राथमिक शिक्षक संघ ने फतेहाहाबाद खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया. यहां 40 संकुल शिक्षकों ने शिक्षक हित में इस्तीफा दिया. शिक्षकों का कहना है कि आनलाइन अटेंडेंस में कई दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने बताया कि अगर हम एक मिनट भी किसी वजह से लेट हो गए तो पूरे दिन का वेतन काटा जाएगा.
जानिए क्या है डिजिटल हाजिरी
सुबह 8 बजे से स्कूल शुरू होगा तो साढ़े सात बजे से 7 बजकर 45 मिनट के बीच टैबलेट पर फोटो खींचकर अपलोड करनी होगी. हाजिरी का ऐप इसी समय और स्कूल परिसर में ही हाजिरी के लिए इनेबल होगा.
छुट्टी के समय दोपहर दो बजकर 15 मिनट से दोपहर दो बजकर 30 मिनट के बची फिर पोर्टल खुलेगा. शिक्षक को फोटो अपलोड करनी होगी, तभी हाजिरी पूरी मानी जाएगी.
शिक्षकों का विरोध और मांगें
बारिश के मौसम में कहीं रास्ते खराब हैं तो कहीं पानी भरा हुआ है. लागू करने का समय गलत.
शाम की हाजिरी की तय समय की अनिवार्यता गलत. अगर किसी टीचर को इमरजेंसी में जाना तो वो कैसे जाएगा.
ऐप पर लोकेशन कई जगह गलत बता रहा, नेटवर्क की दिक्कत, ऐसे में अगर एक दो मिनट की देरी हो गई तो वो गैरहाजिर कर देगी.
हाफ सीएल की व्यवस्था हो, अटेंडेंस पोर्टल दिनभर खुले, चार दिन देरी पर एक कैजुअल लीव काट ली जाए.
आपात स्थिति जैसे आंधी, बारिश, जाम, राजनीतिक व धार्मिक आयोजनों में रास्ता बंद होने पर हाजिरी में ढील दी जाए.
विभाग का तर्क
आनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता आएगी. रियल टाइम उपस्थिति जांच सकेंगे.
शिक्षकों व छात्रों का पूरा विवरण आनलाइन होगा. मैनुअल रिकॉर्ड नहीं रखना पड़ेगा.
सही डेटा होने तक सुविधाओं की पहुंचे व गैप का आकलन हो सकेगा.
हाजिरी के नाम पर शिक्षकों का बेवजह उत्पीड़न नहीं होगा.