आगरालीक्स…आगरा के खेमेश्वर नाथ मंदिर में बह रही श्रीमद्भागवत की ज्ञानगंगा. कलियुग में भक्ति के प्रभाव का वर्णन, कथा व्यास दीदी शिवांगी प्रिया ने बताया माता-पिता के प्रति बदल रहा संतानों का व्यवहार
तोता का ताल स्थित खेमेश्वर नाथ मंदिर में 16वें गणेश महोत्सव के उपलक्ष्य में 15 से 23 सितंबर तक आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास दीदी शिवांगी प्रिया जी (श्रीमद् वृंदावन) ने प्रथम दिन श्रीमद्भागवत के महात्म्य और कलियुग में भक्ति के प्रभाव का वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि कलियुग में परिस्थितियां इस प्रकार बदल रही हैं कि मानो उल्टी गंगा बह रही हो। जिन माता-पिता ने अपनी संतान के पालन-पोषण और संस्कार के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया, आज कई परिवारों में वही संतान उनके प्रति अनीति और उपेक्षा का व्यवहार कर रही है। ऐसे समय में श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को अपने संस्कारों, धर्म और कर्तव्यों का स्मरण कराती है। भगवान का नाम, सत्संग और भक्ति जीवन को सही दिशा देने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को समझने और उसे ईश्वर से जोड़ने का मार्ग है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति और सद्विचारों का संचार होता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे रहे। कीर्तन भी किया। कथा में दूसरे दिन राजा परीक्षित को श्राप लगने के प्रसंग का वर्णन किया जाएगा।

मंदिर के महंत पं. विद्यसागर तिवारी ने बताया कि खेमेश्वर नाथ मंदिर परिसर में पिछले 16 वर्षों से लगातार गणेश महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 10 बजे, शाम 6 बजे और रात 9 बजे आरती होगी। 24 सितंबर को सुबह 10 बजे हवन-प्रसादी और दोपहर 2 बजे भंडारे का आयोजन होगा। 25 सितंबर को गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से सोनू माहौर, किशोर सैनी, नंदलाल छत्तानी, मीनू सैन, वीरू सैनी, रवि माहौर, योगेश कुमार, शंकर सिंह, भूप सिंह, राकेश महाजन, गोपाल अग्रवाल आदि उपस्थित थे।