आगरालीक्स…भोजन को कम से कम 32 बार चबाने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता. आगरा में गूंजा हेल्दी गट का संदेश. डॉक्टरों ने स्वस्थ जीवनशैली के दिए टिप्स
नेशनल मेडिकोस आर्गनाइजेशन (एनएमओ) द्वारा “How to Make Your Gut Healthy” विषय पर एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता एवं चिकित्सकीय परिचर्चा पीएल पैलेस में किया गया। कार्यक्रम में शहर के प्रख्यात चिकित्सकों ने भाग लेकर आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती पाचन समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की।व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी नहीं, वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करें
डॉ. पवन गुप्ता एवं डॉ. शम्मी कालरा ने बताया कि आजकल सोशल मीडिया विशेषकर व्हाट्सएप पर मिलने वाली अप्रमाणित सलाह से बचना चाहिए। Gut Hygiene यानी पाचन तंत्र की स्वच्छता बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है।

गट हेल्थ और डिप्रेशन का सीधा संबंध
एनएमओ आगरा के सचिव डॉ. करन आर. रावत ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में गैस, एसिडिटी, कब्ज, ब्लोटिंग जैसी समस्याएँ आम हो गई हैं। यदि गट हेल्थ सही रखी जाए तो अवसाद (डिप्रेशन) जैसी मानसिक समस्याओं को भी काफी हद तक दूर रखा जा सकता है, क्योंकि Gut-Brain Axis सीधे रूप से जुड़ा हुआ है।
हर पेट दर्द बीमारी नहीं होता
डॉ. अर्पिता सक्सेना ने बताया कि पेट का हर दर्द किसी गंभीर रोग का संकेत नहीं होता। कई बार यह आंतों की संवेदनशीलता या अच्छे बैक्टीरिया की कमी के कारण भी हो सकता है। उन्होंने अच्छे बैक्टीरिया की भूमिका और प्रोबायोटिक्स के महत्व पर प्रकाश डाला।
PPI (एसिडिटी की दवाइयों) का अत्यधिक प्रयोग स्थायी समाधान नहीं है।
आजकल की सबसे आम समस्या *Dysbiosis (आंतों के बैक्टीरिया का असंतुलन) बन चुकी है।
अनियमित खानपान, फास्ट फूड और तनाव गट हेल्थ के बड़े शत्रु हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रेसीउेंट एनएमओ आगरा डॉ. अनुपम गुप्ता ने सभी विशेषज्ञों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की जागरूकता परिचर्चाएं समाज को स्वस्थ दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ. शम्मी कालरा, डॉ. हरवीर चौहान, डॉ. श्वेता, डॉ. रूपल अग्रवाल, डॉ. ज्योति अग्रवाल, डॉ. मैथली, डॉ. रोहिताश यादव, डॉ. असीम गुप्ता एवं डॉ. ए.एच. नक़वी भी उपस्थित रहे।