आगरालीक्स…आगरा से लगे छप्पन भोग महोत्सव के पहले दिन गोवर्धन धाम में उतरा भक्ति का अमृत. स्वर्ण शंख से हुआ गोविंद अभिषेक, दुग्ध धाराओं संग विराट परिक्रमा ने रचा भक्तिरस
श्री गिरिराज जी सेवा मंडल, आगरा द्वारा आयोजित दिव्य छप्पन भोग महोत्सव के प्रथम दिवस गोवर्धन धाम में भक्ति, श्रद्धा और अलौकिक आस्था का अनुपम दृश्य साकार हो उठा। रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वर्ण जड़ित शंख से भव्य गोविंद अभिषेक तथा उसके पश्चात दुग्ध धाराओं संग विराट परिक्रमा का आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रातःकाल हरिओम महाराज के पावन सानिध्य में 11 ब्राह्मणों द्वारा गोविंद अभिषेक संपन्न हुआ। स्वर्ण जड़ित शंख से अभिषेक करते समय दुग्ध की सप्तधाराएं, 21 प्रकार के रस, गोवर्धन धाम के विभिन्न कुंडों का जल, पंचामृत, केसर जल एवं सुगंधित इत्र अर्पित किए गए। “जय गिरिराज महाराज” और “गोविंद गोपाल की जय” के उद्घोष के साथ संपूर्ण वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
अभिषेक उपरांत प्रभु को माखन-मिश्री, तुलसी दल सहित विशेष भोग अर्पित किया गया। इस दिव्य क्षण के साक्षी बने श्रद्धालुओं ने स्वयं को गौलोक की अनुभूति में डूबा हुआ पाया। इसके पश्चात दुग्ध धाराओं के साथ विराट परिक्रमा का शुभारंभ विधि-विधान से पूजन कर किया गया। परिक्रमा का शुभारंभ संस्थापक नितेश अग्रवाल, सह-संस्थापक मयंक अग्रवाल, संरक्षक महंत कपिल नागर, अध्यक्ष अजय सिंघल, महामंत्री विजय अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष विशाल बंसल ने संयुक्त रूप से पूजन कर किया। परिक्रमा में गिरिराज महाराज डोले पर विराजमान रहे, जिसे भक्तों ने हाथों से खींचा। चांदी के पात्र से गिरिराज जी पर निरंतर दुग्ध धाराएं अर्पित की जाती रहीं। बैंड-बाजों, भजन मंडलियों और श्रद्धालुओं के जयघोषों के साथ पूरी परिक्रमा मार्ग भक्ति के रंग में रंग गया। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को नृत्य और कीर्तन के माध्यम से भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर संस्थापक नितेश अग्रवाल ने कहा कि गोविंद अभिषेक और विराट परिक्रमा गिरिराज महाराज की सेवा का सर्वोच्च स्वरूप हैं, जिनसे भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रभु कृपा की अनुभूति होती है। सह-संस्थापक मयंक अग्रवाल ने कहा कि इस परिक्रमा में प्रत्येक कदम भक्ति, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। संरक्षक महंत कपिल नागर ने कहा कि गोवर्धन धाम की परिक्रमा स्वयं में साधना है, जो भक्त को प्रभु से सीधे जोड़ती है। अध्यक्ष अजय सिंघल ने बताया कि यह परिक्रमा छप्पन भोग महोत्सव का आध्यात्मिक केंद्र बिंदु है, जो पूरे आयोजन को दिव्यता प्रदान करती है। गोविंद अभिषेक एवं विराट परिक्रमा के साथ श्री गिरिराज जी छप्पन भोग महोत्सव ने भक्ति की नई ऊंचाइयों को स्पर्श किया। गोवर्धन धाम देर तक भजन, कीर्तन और जयकारों से गूंजता रहा और श्रद्धालु गिरिराज महाराज की कृपा में डूबे दिखाई दिए। परिक्रमा संयोजक अमित पाराशर, अजय सिंघल, अमित अग्रवाल थे।