आगरालीक्स….(Video)आगरा में थाने पर भाजपा मंडल अध्यक्ष व मंत्री को बिठाने पर हंगामा. आक्रोशित भाजपाई बड़ी संख्या में पहुंच गए थाने. एसओ को हटाया
आगरा के थाना जगनेर में बवाल हो गया. अग्रवाल धर्मशाला के बाहर फल विक्रेता और भाजपा के मंडल मंत्री के बीच हुए विवाद पर पुलिस ने भाजपा के मंडल मंत्री और अध्यक्ष को थाने पर बैठा लिया. इस पर भाजपाइयों में आक्रोश छा गया और सूचना पर जिलाध्यक्ष प्रशांत पूनिया सहित अन्य पदाधिकारी व भाजपाई थाने पर हपुंच गए. यहां उन्होंने हंगामा करते हुए एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. करीब तीन घंटे तक सभी थाने पर ही बैठे रहे. सूचना पर डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा यहां पहुंचे और उन्होंने एसओ को हटाकर उनके स्थान पर एसओ रकाबगंज को भेजा. वहीं पूरे प्रकरण की जांच के आदेश किए गए हैं.
ये है मामला
जगनेर के मुख्य बाजार में स्थित अग्रवाल धर्मशाला में 24 सितंबर को अग्रसेन शोभायात्रा निकाली जानी है. समिति के सदस्यों और भाजपा मंडल मंत्री मनोज अग्रवाल इस आयोजन की तैयारी कर रहे हैं. धर्मशाला के सामने फलों की ठेल लगती हैं. शोभायात्रा को लेकर यहां अतिक्रमण हटाया जा रहा है. मंगलवार सुबह मंडल मंत्री यहां ठेलों को हटवा रहे थे. तभी इनका एक विक्रेता दामोदर से ठेल हटाने को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि विक्रेता के बेटे आ गए और उन्होेंने मारपीट शुरू कर दी.
थाने पहुंचा मामला
मंडल मंत्री मनोज अग्रवाल मारपीट की शिकायत लेकर थाना जगनेर पहुंचे. तभी दूसरा पक्ष भी वहां आ गया. उस समय एसओ सौरभ सिंह मौजूद नहीं थे. जानकारी पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष लवलेश कुमार भी पहुंच गए. कुछ देर बाद एसओ थाने पर आ गए. भाजपा नेताओं ने ठेल विक्रेताओं पर कार्रवाई की मांग की तो वहीं दूसरा पक्ष भी मुकदमा दर्ज करने की कहने लगा. आरोप है कि विवाद को देख पुलिस ने मंडल मंत्री और ठेल विक्रेता के बेटे मानव और भाई पिंकी को थाने पर बैठा लिया. मंडल अध्यक्ष ने जब इस कार्रवाई का विरोध किया तो इस पर पुलिस के साथ भाजपा नेताओं का विवाद होने लगा. यह देखकर पुलिस नेे मंडल अध्यक्ष को भी कार्याल्य में बैठा लिया.
भाजपा जिलाध्यक्ष पहुंचे थाने
इसकी जानकारी पर भाजपाई थाने पर जुटना शुरू हो गए. कुछ समय बाद जिलध्यक्ष प्रशांत पौनिया, पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, जिला उपाध्यक्ष दिनेश गोयल, पूर्व विधायक महेश गोयल भी थाने पहुंच गए. उन्होंने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर लिया. सभी नारेबाजी करते हुए एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. कुछ समय बाद डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा पहुंच गए. उन्होंने भाजपा नेताओं से बात की. डीसीपी ने जांच का आश्वासन दिया लकिन भाजपाई निलंबन की मांग करने लगे. अधिक हंगामा होने लगा. डीसीपी ने बताया कि थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर करने की बात कही और जांच के आदेश दिए गए हैं. तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.