आगरालीक्स..Agra News : . बच्चों को कब कौन सी वैक्सीन लगवाएं, जानें। ( Agra News : Vaccination prevent children from 11 diseases#Agra )
बच्चों में जन्म के साथ ही वैक्सीन लगने लग जाती है, 5 साल की उम्र तक बच्चों को वैक्सीन लगनी चाहिए। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन लगाने की व्यवस्था है।
यह प्रमुख टीके हैं जो बच्चों को दिए जाते हैं-
• जन्म पर बीसीजी (टीबी के खिलाफ), ओपीवी (पोलियो के खिलाफ),हेपेटाइटिस-बी (हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ)
• 6 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
• 10 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)• 14 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
• 9-12 महीने पर खसरा और रूबेला (एमएमआर) वैक्सीन, जापानी इंसेफेलाइटिस वैक्सीन, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन
• 16-24 महीने पर एमएमआर वैक्सीन की दूसरी खुराक, वार्षिक इन्फ्लूएंजा वैक्सीन
यह टीके बच्चों को खतरनाक बीमारियों से बचाने में मदद करते है।
टीकाकरण के लाभ-
- बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाव
- गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए तैयारी
- समाज में बीमारियों को फैलने से रोकथाम
- टीकाकरण के लिए हमारी जिम्मेदारी:
- गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें
- टीकाकरण केंद्रों पर जाने में मदद करें
- समाज में टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं