आगरालीक्स…मई में मिलने वाले तरबूज, खरबूज और आम अब मार्च में ही मिल जाते हैं, इनकी शुरुआती किस्में बाजार में मौजूद हैं लेकिन कीमत होश उड़ा देंगी
आगरा में मई ओर जून के महीने में मिलने वाले तरबूज, खरबूज और आम मार्च के महीने में ही उपलब्ध हो गए हैं। तमाम बाजारों में इनकी ढेल—ढकेल लगी देखी जा सकती हैं और लगभग सभी फल विक्रेताओं पर इनकी शुरूआती किस्म उपलब्ध हैं मगर कीमतें आसमान छू रही हैं। उत्तर भारत में तरबूज, खरबूजा और आम मुख्य रूप से मई के मध्य में बाजार में आते हैं। खासकरतरबूज और खरबूजा मार्च के अंत या अप्रैल) से बाजार में आने लगते हैं। लेकिन ये बस शुरूआती किस्म होती है। भरपूर स्वाद के साथ इनकी उपलब्धता मई और जून में चरम पर होती है।
वहीं आम का सीजन मई के मध्य या अंत से शुरू होता है। जून और जुलाई के महीने में लंगड़ा, चौसा और दशहरी जैसे आम बहुतायत में मिलते हैं।
हालांकि मार्च के महीने में तरबूज, खरबूज और आम का बाजार में आना अब सामान्य बात हो गई है। फल विक्रेताओं की मानें तो इसका मुख्य कारण खेती के उन्नत तरीकों और जल्दी पकने वाली किस्मों का इस्तेमाल है।
न्यू आगरा और बल्केश्वर के कुछ फल विक्रेताओं से बात करने पर पता लगा कि दिल्ली की मंडियों जैसे आजादपुर मंडी में मार्च के अंत तक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात से तरबूज और खरबूजे की भारी आवक शुरू हो जाती है। यही कारण है कि यह आगरा में आसानी से मिलने लगता है।
कीमत की बात करें तो इस समय आगरा के बाजार में तरबूज 30 से 40, खरबजू 60 से 70 और आम 350 से 380 रूपये किलो तक उपलब्ध है। जबकि मई से जुलाई के महीने तक इनकी कीमतें इतनी अधिक नहीं रहतीं और स्वाद में यह भरपूर हो जाते हैं।