आगरालीक्स …Agra News: आगरा में रह रही महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 5.35 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए, अरेस्ट से बचने के लिए मांगे 30 लाख रुपये। पुलिस जांच में जुटी।
आगरा के बाग फराजान में रहने वाली महिला चिकित्सक डॉ. जूही वाष्र्णेय मथुरा के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं। उनके द्वारा साइबर थाने में दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि छह दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई, कॉल करने वाली युवती आराध्या रामसाद ने खुद को रेगुलेटरी अथॉरिटी आफ इंडिया के नोटिफिकेशन यूनिट से बताया और कहा कि आपने नाम से सात नवंबर को मुंबई में जारी हुई सिम से आपत्तिजनक संदेश भेजे गए हैं। उनसे कहा गया कि मुंबई के क्राइम ब्रांच के आफिस में उपस्थित होना होगा। जब उन्होंने मुंबई जाने में असमर्थता जताई तो उन्हें दूसरे नंबर पर यह बताते हुए जोड़ा कि क्राइम ब्रांच के दरोगा प्रदीप सांवत बात करेंगे। उन्होंने कहा कि आधार नंबर की जांच के बाद क्लीयरेंस सर्टिंफिकेट मिलेगा। ( Agra News: Woman doctor losses Rs 5.35 Lakh after cyber criminal digital arrest )
अरेस्ट करने का डर दिखाकर ट्रांसफर कराए 5.35 लाख रुपये
डॉ. जूही वाष्र्णेय को अरेस्ट करने का डर दिखाया गया, कहा कि एक साल का बेटा है इसलिए मुंबई आने की जगह अगले दिन आनलाइन कोर्ट के सामने उपस्थित होना होगा। इसके बाद यूपीआई से पहले 35 हजार रुपये ट्रांसफर कराए इसके बाद 5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिया। उनके एकाउंट में एक हजार रुपये ही बचे तो आठ दिसंबर को वर्चुअल कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा, कहा कि उनके घर के पास सादा ड्रेस में पुलिस कर्मी हैं, 30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दो नहीं तो अरेस्ट कर लेंगे। उन्होंने सीएमओ से छुटटी लेने के बाद मुंबई आने के लिए, शक होने पर उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की। कुछ पैसे तेलंगाना के एटीएम से निकाले गए हैं पुलिस जांच में जुटी है।
पुलिस नहीं करती डिजिटल अरेस्ट
डीसीपी वेस्ट साइबर क्राइम आदित्य कुमार का कहना है कि पुलिस किसी को भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है इसलिए साइबर क्रिमनलों की बातों में न आएं, साइबर ठग फर्जी कोर्ट रूम बनाकर वर्चुअल सुनवाई की बात भी करते हैं, यह भी ठगी का तरीका है इसलिए इस तरह के मामलों में बातों में न आएं पुलिस को सूचना दें।