आगरालीक्स….गर्भावस्था और गर्भस्थ शिशु को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है पोषण युक्त खाना. वर्कशॉप में डॉक्टरों ने बताया कि कैसे आप प्रेग्नेंसी में आने वाली जटिलताओं को कर सकते हैं दूर….
गर्भवती के पोषण और सुरक्षित गर्भावस्था पर हुआ मंथन
आगरा आब्सटेट्रिकल एंड गायनेकोलाॅजिकल सोसायटी (एओजीएस) और फेडरेशन आफ आब्सटेट्रिकल एंड गायनेकोलाॅजिकल सोसायटी आफ इंडिया (फाॅग्सी) की यंग टेलेंट प्रमोशन कमेटी द्वारा एक कार्यशाला संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में आयोजित की गई। इसमें गर्भवती की सेहत और गर्भावस्था को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं में एओजीएस कीं अध्यक्ष डाॅ. आरती मनोज ने गर्भावस्था की जटिलताओं से बचाने के लिए कैल्शियम और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि माइक्रोन्यूट्रियंस हमारे शरीर के विकास और इम्युनिटी को मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं। शरीर की मेटाबाॅलिक क्रियाएं, दिल संबंधी रोग या डायबिटीज आदि के खतरे को भी इससे कम किया जा सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स पोषण युक्त डाइड की सलाह देते हैं। माइक्रोन्यूट्रियंस से हमें जरूरी पोषण मिलता है। यह गर्भावस्था और गर्भस्थ शिशु को सुरक्षित बनाता है। माइक्रो में छोटी कैटेगिरी के पोषक तत्व जैसे विटामिन, मिनरल, जिंक, कैल्शियम शामिल होते हैं। ऐसे बहुत से फल और सब्जियां हैं जो विटामिन और मिनरल से भरपूर होती हैं।

कैल्शियम से शिुश के विकास में मिलती है मदद
गर्भावस्था में कैल्शियम से गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में मदद मिलती है। उम्र के हिसाब से शरीर में पर्याप्त कैल्शियम न होने पर या कम मात्रा में होने पर प्रेग्नेंसी में जटिलताएं आ सकती हैं। कैल्शियम गर्भ में पल रहे शिशु के विकसित हो रहे दांतों और हड्डियों को मजबूती देता है। मांसपेशियों, दिल और नसों के विकास को बढ़ावा देता है।
डाॅ. एमसी पटेल ने गर्भावस्था और प्रसव के मेडिकोलीगल मामलों पर प्रकाश डाला। इस सत्र की अध्यक्षता डाॅ. मुकेश चंद्रा, डाॅ. अल्का सारस्वत, डाॅ. अनुपम गुप्ता ने की। सचिव डाॅ. सविता त्यागी ने बताया कि एक पैनल डिस्कशन हुआ जिसमें एमटीपी और पोक्सो आधारित चर्चा हुई। पैनलिस्ट प्रो. शिखा सिंह, डाॅ. शर्मिला पंजवानी, डाॅ. ईला किशोर, डाॅ. संगीता चतुर्वेदी, डाॅ. रूचिका गर्ग थीं। एक्सपर्ट पैनलिस्ट के रूप में डाॅ. मधु राजपाल और डाॅ. संतोष सिंघल शामिल रहीं।