आगरालीक्स..आगरा में यमुना खतरे के निशान से सिर्फ इतनी दूर, मथुरा में बाढ़ की आशंका. सड़कों पर आया यमुना का पानी…आगरा की ओर छोड़ा गया 38,350 क्यूसेक पानी
आगरा में यमुना खतरे के निशान की ओर पहुंच गई है. वह खतरे के निशान से सिर्फ कुछ ही मीटर की दूरी पर है. ऐसे में यमुना किनारे रहने वाले लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं. प्रशासन भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से अलर्ट है और बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं. पहाड़ों पर हो रही बारिश से यमुना इस समय लबालब है. सुबह वाटरवक्र्स पर यमुना खतरे के निशान से ढाई फीट नीचे थी. पिछले 24 घंटे में करीब एक फीट जलस्तर बढ़ा है.ओखला बैराज से छोड़ा गया पानी
बैराजों के जलाशयों से नदी में पानी छोड़ा जा रहा है. शनिवार को ओखला बैराज से 38,350 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. शुक्रवार को डिस्चार्ज 57,657 क्यूसेक था.
मथुरा में यमुना के जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. 24 से अधिक गांवों में नदी का पानी घुस गया है. तीन गांवों को खाली करने के निर्देंश ग्रामीणों को दिए गए हैं. हालात ये है कि नदी का पानी सड़कों पर तीन से चार फीट तक बह रहा है. राहगीर भी पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं. यमुना किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है. बाढ़ से सुरीर, नौहझील, मथुरा शहर, वृंदावन, महावन, बलदेव आते हैं. इन क्षेत्रों के दर्जनों गांव व कॉलोनियां यमुना के किनारे बसी हैं, जहां बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.