आगरालीक्स…आगरा में डायबिटीज पर आईएमए ने किया जागरूक. सही आहार, सही जीवनशैली को समझाया. फोटोज में देखें 25 से ज्यादा स्थानों पर लगे कैम्प

विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) आगरा की ओर से शहर के अनेक प्रमुख स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अध्यक्ष डा पंकज नगायच ने बताया इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन में मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच, सही आहार, जीवनशैली एवं उपचार के महत्व को समझाना रहा। सुबह से ही चिकित्सक पार्कों सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच गए। सचिव डा रजनीश मिश्रा ने बताया कि ऐतिहासिक तरीके से , डॉक्यूमेंटेड 25 से ज्यादा स्थानों पर आई एम ए आगरा ने हजारों लोगों को लाभान्वित किया।कोषाध्यक्ष डॉ मुकेश भारद्वाज ने बताया सुबह से ही सैकड़ों चिकित्सकों ने मोर्चा संभालते हुए लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया।

आई.एम.ए., आगरा के अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच के जीनोम डायग्नोस्टिक्स, कारगिल पेट्रोल पंप, सिकंदरा पर निशुल्क शुगर की जांच की गई। सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा द्वारा सुश्रुत हॉस्पिटल, ताजगंज पर जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यहां उपस्थित लोगों को मधुमेह से बचाव, रोग की पहचान और समय पर उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निम्नलिखित चिकित्सकों ने आईएमए कार्यक्रम आयोजित किए गए.

डॉ. रनवीर त्यागी ने सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल, बाईपास रोड पर नागरिकों को जागरूक किया कि मधुमेह क्या है? शरीर में इंसुलिन की कमी या कार्य में बाधा से रक्त शर्करा बढ़ना बताया।
डॉ. सुरेन्द्र पाठक डा प्रीति पाठक ने पाठक हॉस्पिटल पर, डॉ. मोहन भटनागर ने कमला नगर में बताया कि मधुमेह के जोखिम कारक क्या हैं, अनियमित जीवनशैली, फास्ट फूड और अधिक चीनी का सेवन, मोटापा आदि।
डॉ. अलोक मित्तल ,डा अशोक शर्मा ने , खेलगांव, दयालबाग मै बताया कि नियमित व्यायाम (30–45 मिनट प्रतिदिन), संतुलित आहार: कम चीनी, कम तेल, अधिक फल-सब्जियां, वजन नियंत्रण, धूम्रपान व शराब से दूरी.

डॉ. सुनील बंसल, डा कौशल ,डा प्रभात अग्रवाल आदि चिकित्सकों ने कंपनी गार्डन में कैंप लगाया। डॉ. सुनील बंसल ने नागरिकों को मधुमेह के प्रति जागरूक किया। नियमित जांच का महत्व समझाया
30 वर्ष से अधिक उम्र में साल में एक शानदार बार शुगर टेस्ट अवश्य
जोखिम कारकों वाले लोग हर 3–6 महीने में जांच कराएं। HbA1c टेस्ट से 3 महीनों का शुगर नियंत्रण पता चलता है।
डॉ. एन.बी.सक्सेना ने नेहरू नगर पार्क जनता को मधुमेह के प्रति जागरूक किया। मधुमेह के जोखिम कारक उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल, शारीरिक गतिविधि की कमी, पारिवारिक इतिहास, मोटापा, फास्ट फूड और अधिक चीनी का सेवन, अनियमित जीवनशैली बताए।

डॉ. अरुण जैन, अरुण चाइल्ड हॉस्पिटल में बच्चों को कैसे डायबिटीज से बचाया जाए वो बताया। डॉ. सीमा सिंह, श्री विनायक हॉस्पिटल में गर्भवती महिलाओं में डायबिटीज के बारे में जानकारी दी। डॉ. दीप्तिमाला अग्रवाल, डा अनूप दीक्षित ने शांतिवेद हॉस्पिटल ऑडिटोरियम में व्याख्यान दिया। डॉ. दीक्षित ने नागरिकों को योग ,स्ट्रेस फ्री लाइफ का मंत्र दिया।
डा अश्विनी यादव ,डा उमेश गर्ग ने पदम प्राइड में कैंप लगाया । डा अनुपम गुप्ता, डा करन रावत ने स्वदेशी बीमानगर में कैंप लगा के परामर्श किया। इन सभी स्थानों पर निःशुल्क रक्त शर्करा जांच, परामर्श, आहार मार्गदर्शन एवं जीवनशैली सुधार संबंधी सुझाव प्रदान किए गए। आगरा शहर के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

इन अन्य चिकित्सकों का योगदान रहा
डॉ. वीरेन्द्र खंडेलवाल, डॉ, विभा भारद्वाज, विजय खुराना, डॉ. कैलाश विश्वानी, डा. मुकेश जैन, डा. अरविंद जैन, डा. आशीष अग्रवाल, डा. आशीष गर्ग, डा. वरुण गुप्ता, डा. शुभम जैन, डा. संजय गोयल, डा. सुनील अग्रवाल, डा. अमरकांत, डा. अतुल, डा. संजय गुप्ता, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. रजनी पचौरी, डॉ. कविता भटनागर, डॉ. गौरव राजपाल, डॉ. अंजना पाण्डेय, डॉ. सिम्पी राजपाल, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. योगेश भार्गव, डॉ. शम्मी कालरा
डॉ. अमित माहेश्वरी, डॉ. पवन जैन।
आई.एम.ए., आगरा ने कहा कि मधुमेह एक तेजी से बढ़ता स्वास्थ्य खतरा है, जिसे समय पर पहचान और सही जीवनशैली के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। संस्था भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।



