आगरालीक्स…आगरा पुलिस की अपील, नेक आदमी बनें और सड़क पर घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाएं. 25 हजार का इनाम मिलेगा. कोई परेशान नहीं करेगा
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने में घबरायें नहीं, मदद करने वाले व्यक्ति को पुलिस या अस्पताल द्वारा परेशान नहीं किया जायेगा मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 की धारा 134ए के प्रावधानों के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या जीएसआर 594ई सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले व्यक्ति के बचाव एवं पुलिस द्वारा परेशान न किये जाने हेतु निर्देश- गुड सेमेरिटन (नेक आदमी) जो घायल व्यक्ति को नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल ले जायेंगे, उन्हें अस्पताल द्वारा अपना नाम, पता और फोन नम्बर आदि बताने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा ।
- गुड सेमेरिटन स्वेच्छा से अपना नाम, पता और फोन नम्बर आदि सम्बन्धित के डाक्टर को बता सकते है।
- घायल व्यक्ति का सम्बंधित अस्पताल में डयूटी पर उपस्थित डाक्टर द्वारा तत्काल इलाज शुरू किया जायेगा।
- गुड सेमेरिटन से घायल व्यक्ति की चिकित्सा के लिऐ पैसे की माँग नहीं की जायेगी, जब तक घायल व्यक्ति उसका सगा सम्बन्धी न हो।
- गुड सेमेरिटन की मॉग पर सम्बंधित अस्पताल द्वारा घायल व्यक्ति को अस्पताल तक ले जाने का प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में प्रदान किया जायेगा।
- गुड सेमेरिटन को दुर्घटना के सम्बन्ध में दायर की गयी एफ0आई0आर0 सम्बंधित जांच आदि में पुलिस द्वारा गवाह बनने पर बाध्य नहीं किया जायेगा
- पुलिस द्वारा गुड सेमेरिटन से केवल एक ही बार पूछताछ की जायेगी और थाने में बुलाकर पूछताछ करने की बाध्यता नही होगी। यदि गुड सेमेरिटन थाने के अतिरिक्त अन्य जगह पर पूछताछ चाहता है तो उसके द्वारा बताये गये स्थान / समय पर पूछताछ की जायेगी ।
- मोटर वाहन से जुड़ी घातक दुर्घटना के पीड़ित को तत्काल सहायता प्रदान करके दुर्घटना के स्वर्णिम समय के भीतर अस्पताल / ट्रॉमा केयर सेंटर में पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले गुड सेमेरिटन को रू0 25,000/- से पुरस्कृत किया जायेगा ।