आगरालीक्स…चौंकाने वाला खुलासा, आगरा धर्मांतरण गैंग का सीधा संबंध पाकिस्तान से. आनलाइन लूडो खेलने वाले हिंदू युवक—युवतियों को करते थे टारगेट…इनका ब्रेन वॉश करने का तरीका हैरान भरा
आगरा धर्मांतरण केस में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सदर की दो युवतियों के लापता होने और फिर उनके अवैध धर्मांतरण किए जाने के बाद से खुले इस मामले में आगरा पुलिस ने अब तक दो मुख्य सरगना सहित 14 लोगों को अरेस्ट किया है. इसे अलावा रोहतक व देहरादून से दो युवतियों को इनके चंगुल से मुक्त कराया गया है. अवैध धर्मांतरण गैंग अलीगढ़, बरेली सहित कई राज्यों की युवतियों को का जबरन धर्म परिवर्तन करा चुका है, लेकिन अब और भी ज्यादा चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इनके धर्म परिवर्तन करने का जो तरीका है इसमें सभी के धर्मपरिवर्तन कराने के सम्बन्ध में निम्न तथ्य प्रकाश में आये है-- धर्म परिवर्तन करने वाले अधिकांश लोगों का सम्बन्ध कश्मीर एवं पाकिस्तान में बैठे व्यक्तियों से इन लोगों द्वारा कराया गया।
- ये बालिकायें पाकिस्तान से जुड़े हुए लोगों के साथ धर्म परिवर्तन के सम्बन्ध में उनके बौद्धिक विचारों को सुनती थी एवं उनके द्वारा जो बौद्धिक विमर्श होता था उसमें भी सहभागी रहती थीं। इनमें से कुछ लड़कियों के सम्बन्ध कश्मीर की लड़कियों के साथ मिले, जो इनके मस्तिष्क को इनके परिवार के खिलाफ एवं धर्म के खिलाफ जहरीले भाव से भरती थीं और वह अपने धर्म इस्लाम में आने के लिये उनको प्रेरित करती थीं। इन सारी लड़कियों को कश्मीर की लड़कियाँ पाकिस्तान से चलने वाले ग्रुप इनको जोड़ने का काम करती थीं जिनमें से मुख्य रूप से तनवीर अहमद और साहिल अदीम आदि से जुड़ गयी थी।
- इन तथ्यों के खुलासे से यह बात स्पष्ट हुयी है कि यह सब हमारी राष्ट्रीय एवं आन्तरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस बारे में आगरा पुलिस के साथ हमारी बाकी सुरक्षा एजेंसियाँ भी इन लोगों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। इनसे की गयी पूछताछ से यह बात प्रकाश में आयी कि रहमान कुरैशी के द्वारा क्राउड फंडिंग एवं क्रिप्टो करंसी के साथ-साथ डॉलर से भी आदान-प्रदान फिलीस्तीन को भी किया गया है।
- इस ग्रुप में कम से कम 03 सदस्य डार्क वेब की जानकारी रखते हैं एवं इसके द्वारा अपने सदस्यों से बात करते है। इसका प्रयोग अपनी बातों की गोपनीयता बनाये रखने के लिए किया जाता है। इनके द्वारा जो ग्रुप बनाया जाता था उसमें ये लोग सामान्यतः सिग्नल पर बात करते थे ताकि सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी न हो सके।
- इस प्रक्रिया में इनके द्वारा लोगों से जुड़ने के लिये ऑनलाइन गेम्स जैसे कि लूडोस्टार आदि अन्य गेम खेलते हुए हिन्दू लड़के एवं लड़कियों को अपनी ओर आकर्षित किया जाता है एवं उन्हें फिर धर्म परिवर्तन हेतु प्रेरित किया जाता है।
- परिवर्तित सुमैया ने पूछताछ में बताया कि जब वो कश्मीर में रहती थी तो उसके दोस्तों ने उसे DAWAH के लिए बुलाया एवं बताया कि 2050 तक पूरे भारतवर्ष में इस्लाम को हम लोग फैलायेंगे। इन सभी मे एक सामान्य बात निकलकर आयी है कि यह लोग DAWAH के द्वारा इस्लाम की ओर मुखातिब हुए है। DAWAH इस्लाम की एक प्रथा है जिसमें इस्लाम को मानने वाले अन्य धर्मावलम्बियों को बौद्धिक विमर्श के लिए आमंत्रित किया जाता है और इनके बौद्धिक विमर्श के पश्चात अपने धर्म में इनको शामिल करते हैं। जितनी भी लड़कियाँ और लड़कों को इस्लाम में परिवर्तित किया गया है इन सभी ने बताया है कि पहले इनके दोस्त इनको DAWAH के लिए बुलाते है तत्पश्चात इन लोगों को अपने धर्म इस्लाम की अच्छाइयां एवं अन्य धर्म के प्रति नकारात्मक बातों को इनके दिमाग में भरा जाता है। यदि किसी को अपने परिवार से कोई समस्या है तो परिवार के बारे में भी नकारात्मक बातें दिमाग में भरते हैं। जो लोग इस कार्य में शामिल हैं वो लोग थाना, न्यायालय, अस्पताल एवं बगीचे आदि जैसी जगहों पर जमात के दरमियान जाते है, चूंकि इन जगहों पर दुःखी लोग ज्यादा जाते है और उन लोगों को DAWAH के माध्यम से अपने धर्म में परिवर्तन करने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा यह बात भी संज्ञान में आयीं है कि असंगठित क्षेत्र के मजदूर साफ-सफाई करने वाले मजदूर एवं गरीब लोग जिन्हें अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उससे छुटकारा दिलाने के लिए एक मात्र उपाय- DAWAH से जुड़िए और समस्याओं से छुटकारा पाइए|इस तरह से इनको झांसा दिया जाता है। इस तरह जो लोग धर्म परिवर्तन करते हैं उन लोगों को रिवर्ट (रिवर्टी) का नाम देते हैं। और इसी सम्बन्ध में कई माइक्रोब्लॉगिंग साइट्स पर रिवर्ट के नाम से कई ग्रुप देखने को मिल सकते हैं।
अब्दुल रहमान और आयशा चला रही थीं संगठित ग्रुप
यह एक संगठित ग्रुप है, जो अब्दुल रहमान निवासी दिल्ली एवं आयशा निवासी गोवा के नेतृत्व में कार्य कर रहा था। अब्दुल रहमान फिरोजाबाद का रहने वाला व्यक्ति था जिसने 1990 में अपना धर्म परिवर्तन किया था। यह एटीएस द्वारा जेल भेजे गये कलीम सिद्दीकी का सबसे करीबी सहयोगी था ।
जितने भी अभियुक्त पकड़े गये है उनमें से लगभग सभी के सम्बन्ध और अब्दुल रहमान से थे। उत्तराखण्ड के देहरादून, उत्तर प्रदेश के बरेली, अलीगढ़, रायबरेली, हरियाणा के झज्जर व रोहतक की लड़कियाँ जिनको धर्म परिवर्तन के लिए बहकाया गया है उन सभी से इस सम्बन्ध में बातचीत की गयी थी और इन सभी लड़कियों को इस जंजाल से आगरा पुलिस द्वारा निकाला गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी की बालिकाओं की सुरक्षा हेतु जो मंशा एवं सर्वोच्च प्राथमिकता है उन हितों के लिए आगरा पुलिस द्वारा यह कार्य किया गया है।
- आयशा उर्फ एस. बी. कृष्णा गोवा
- शेखर रॉय उर्फ अली हसन निवासी कोलकाता
- ओसामा निवासी कोलकाता
- रहमान कुरैशी आगरा
- अब्बू तालीब खालापार, मुजफ्फरनगर
- अबुर रहमान देहरादून
- रित बानिक उर्फ इब्राहिम- कोलकाता
- जुनैद कुरैशी - जयपुर
- मुस्तफा (मनोज) – दिल्ली
- मोहम्मद अली - जयपुर
- अब्दुल रहमान निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली
- जुनैद कुरैशी निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली
- अब्दुल्ला निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली
- अब्दुल रहीम निवासी मुस्तफाबाद दिल्ली की गिरफ्तारियाँ की गयी है। इन सभी अभियुक्तों में से 11 अभियुक्तों का माननीय न्यायालय द्वारा 10 दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड लिया गया था।