आगरालीक्स…Video…आगरा में ट्रांस बिल 2026 के खिलाफ सड़कों पर उतरा किन्नर समुदाय. कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन. बोले—अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे, चेतावनी दी
“ट्रांसबिल 2026” के विरोध में ट्रांसजेंडर (किन्नर) समुदाय ने सोमवार को आगरा में जोरदार तरीके से अपनी आवाज उठाई और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। इस दौरान समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि प्रस्तावित विधेयक ट्रांसजेंडर समुदाय के मौलिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। समुदाय ने NALSA बनाम भारत संघ (2014) के ऐतिहासिक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को “तीसरे लिंग” के रूप में मान्यता देते हुए उनकी आत्म-पहचान को मौलिक अधिकार माना है।

समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि “ट्रांसबिल 2026” में ऐसे प्रावधान शामिल किए जाते हैं जो उनकी लैंगिक पहचान को प्रशासनिक या चिकित्सीय स्वीकृति से जोड़ते हैं, तो यह सीधे-सीधे उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता), 15 एवं 16 (भेदभाव का निषेध), 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन बताया।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद समुदाय की प्रमुख प्रतिनिधि राधिका बाई ने भावुक होते हुए कहा, “हम भी इस देश के नागरिक हैं और हमें भी सम्मान और समान अधिकार मिलना चाहिए। NALSA बनाम भारत संघ (2014) ने हमें हमारी पहचान दी, लेकिन ‘ट्रांसबिल 2026’ उस पहचान को कमजोर करने की कोशिश करता नजर आ रहा है। अगर हमारी पहचान ही हमसे छीन ली जाएगी, तो हम कैसे सम्मान के साथ जी पाएंगे?”
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, “हम किसी भी ऐसे कानून को स्वीकार नहीं करेंगे जो हमें पीछे धकेलता हो। यदि जरूरत पड़ी तो हम देशभर में आंदोलन करेंगे, लेकिन अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे।”समुदाय के अन्य सदस्यों ने भी सरकार से मांग की कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में ठोस नीतियां लागू की जाएं। उनका कहना था कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे संवेदनशील और न्यायपूर्ण तरीके से लागू करना भी उतना ही आवश्यक है।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अपील की गई कि वे इस विधेयक की गहन समीक्षा कर इसे निरस्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, ताकि देश में समानता, गरिमा और न्याय के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रांसजेंडर समुदाय अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक है और किसी भी प्रकार के भेदभाव या अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।, किन्नर महापंचायत की अध्यक्ष गुरु रेखा मां, गुरु हरिया मां, गुरु मुकेशबाई, इंदिराबाई, दिन्ना मां, सचिव सुश्री राधिका सोनी, अन्य सदस्य सुनीता, पूजा, सरोज, प्रीति, गुड्डी, जरीना, जमीला, गुड़िया, मुस्कान, शोभा, खुशबू, किरण, पूजा, अफसाना, ज्योति, निक्की, लच्छू, माला, मुन्नी, काजल, मुस्कान, सब्बू मौजूद रहे।