आगरालीक्स ….आगरा के आंबेडकर विवि के कर्मचारी के जहर खाने का मामला गर्माया, पत्नी ने उच्च शिक्षा मंत्री के बेटे पर जूते से मारने, उत्पीड़न करने के आरोप पर कार्रवाई न होने पर 48 घंटे का दिया अल्टीमेटम। डिप्टी रजिस्ट्रार को निलंबित करने और मंत्री के बेटे पर मुकदमा दर्ज करने की मांग। इस मामले में कार्रवाई ना होने पर कुशवाह समाज ने मंत्री और उनके बेटे के पुतले फूंकने और पूरे जिले में प्रदर्शन करने की दी चेतावनी।
आगरा के आंबेडकर विवि के खंदारी परिसर में माली के पद पर कार्यरत कौशलपुर के रहने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिनेश कुशवाह ने मंगलवार को जहर का सेवन कर लिया था। उसे एसएन और वहां से जीजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। दिनेश कुशवाह की पत्नी साक्षी ने आरोप लगाए हैं कि उनके पति को उप कुलसचिव पवन कुमार ने दो साल पहले उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के आवास पर अटैच कर दिया था। आरोप है कि उससे शौचालय साफ कराया जाता था, घरेलू कार्य कराए जाते थे। रविवार को वह तबीयत ठीक न होने के कारण मंत्री के आवास पर नहीं गया, सोमवार को जब वह मंत्री के आवास पर पहुंचा तो उसे जूतों से पीटा। इससे आहत होकर मंगलवार को अपने घर पर जहर खा लिया।
अभी तक दर्ज नहीं किया गया मुकदमा
दिनेश कुशवाह की पत्नी साक्षी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि 15 मई को थाना नाई की मंडी में मंत्री के पुत्र अलौकिक उपाध्याय द्वारा पति दिनेश कुशवाह को जूतों से पीटने, उत्पीड़न करने और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने की तहरीर दी थी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
डिप्टी रजिस्ट्रार को निलंबित करने की मांग
इस मामले में कुशवाह समाज ने डिप्टी रजिस्ट्रार पवन कुमार को नियम विरुदृध दिनेश कुशवाह को मंत्री आवास से अटैच करने के मामले में निलंबित करने की मांग की है। साथ ही मंत्री के पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा है, 48 घंटे में कार्रवाई ना होने पर कुशवाह समाज द्वारा जिले भर में प्रदर्शन करने और मंत्री और उनके पुत्र के पुतले फूंकने की चेतावनी दी है।
सुबूत हैं उपलब्ध, मंत्री बता चुके हैं साजिश
इस पूरे मामले को उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने राजनैतिक साजिश बताते हुए कहा था कि दिनेश कुशवाह उनके आवास पर काम नहीं करता था। उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था जबकि कुशवाह समाज का कहना है कि उनके पास डिजिटल साक्ष्य हैं। मंत्री के आवास पर सीसीटीवी भी लगा हुआ है उसे देखा जा सकता है, दिनेश कुशवाह की लॉकेशन भी चेक की जा सकती है उससे स्पष्ट हो जाएगा कि वह कहां काम कर रहा था।