आगरालीक्स …..आगरा में नकली और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं बनाने वाला मास्टर माइंड विजय गोयल 10 साल से दवा का काम कर रहा था। मंदिर में सोने का घंटा चढ़ाया, जानें विजय गोयल के बारे में।

आगरा में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और ड्रग डिपार्टमेंट की टीम ने आठ जुलाई को बिचपुरी और सिकंदरा में दो फैक्ट्री में छापा मारकर बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त फेंसेडिल सहित अन्य सिरप और नींद में इस्तेमाल होने वाली एल्प्राजोलम टैबलेट का जखीरा जब्त किया था, उसकी पत्नी को पुलिस ने पकड़ लिया था लेकिन विजय गोयल नहीं पकड़ा गया था।
कपड़ा,हार्डवेयर के बाद दवाओं का काम
विजय गोयल मूल रूप से बोदला का रहने वाला है, चार भाईयों में सबसे बड़े विजय गोयल ने पहले कपड़े, इसके बाद हार्डवेयर का काम किया लेकिन दोनों काम नहीं चले। इसके बाद उसने बोदला चौराहे पर मेडिकल स्टोर की दुकान खोली। साथ ही थोक दवा बाजार से दवाएं खरीदकर मेडिकल स्टोर संचालकों को बेचने लगा। पिछले कुछ समय से उनसे नकली और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले सिरप और टैबलेट बनाने की फैक्ट्री खोल ली। इसमें मोटी कमाई होने पर आईकॉन सिटी में एक करोड़ से कोठी बनवाई। चर्चा है कि विजय गोयल ने मंदिर में सोने का घंटा भी चढ़ाया।
बड़े गिरोह के लिए कर रहा था काम
विजय गोयल नकली और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की खेप किसी बड़े गिरोह के लिए बनाता था, टास्क फोर्स इसकी जांच में जुटी है। इस पूरे मामले में 62 लोग चिन्हित किए गए हैं, इनकी जांच की जा रही है।