आगरालीक्स…अक्षय तृतीया 19 अप्रैल् को. शुभ कार्यों के लिए सबसे अच्छी तिथि. जानिए विशेष मुहूर्त और चौघड़िया मुहूर्त
इस वर्ष 19 अप्रैल 2026 दिन रविवार में अक्षय तृतीया (आखातीज) मान्य होगी। हालांकि इस वर्ष भगवान परशुराम जयंती भी 19 अप्रैल दिन रविवार को मान्य होंगे जिससे इस दिन किसी भी कार्य हेतु अत्यंत शुभ माना जाएगा। इस दिन कृतिका नक्षत्र, आयुष्मान योग व कौलव करण उपलब्ध रहेगे जिसमें स्वयं सिद्ध मुहूर्त संज्ञक अक्षय तृतीया अत्यंतशुभ फल दायक मानी जाएगी। कृतिका नक्षत्र पूजन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वार तथा नक्षत्र के मिलने से कालदंड़ नामक योग बना रहा है जो पूजा पाठ में अत्यंत श्रेष्ठ शुभ माना जाता है। इस तिथि में होने वाला कोई भी कार्य बेकार नहीं होता।19 अप्रैल रविवार को भगवान परशुराम जी का भी जन्म तिथि होती है। अनादि काल से हमारे पूर्वज इस तिथि को बड़े ही श्रद्धा भाव से अपने समस्त प्रकार के शुभ कार्यों में अपनाते चले आ रहे हैं। यह तिथि स्वयं सिद्ध मुहूर्त के रूप में भी जानी जाती है जिसमें किसी व्यक्ति की गुण,राशि, कुंडली, लग्न चौघड़िया मुहूर्त अगर सही ना मिल रहे हो उस व्यक्ति की भी इस मुहूर्त में विवाह शादी शुभ कार्य हो जाते हैं।
इस दिन सोना, चांदी, हीरा जवाहरात, मकान खरीदना, मकान, दुकान कारोबार ऑफिस शोरूम का शुभारंभ करना अतिश्रेष्ठ समझा जाता है। इस दिन को अनपूछे (अनबूझे) महुर्त के नाम से भी जाना जाता है इस तिथि में जिन वर और कन्याओं की शादी विवाह शुभ कार्य, शुभ नहीं(पूजा की) निकलती हैं या जन्म कुंडली में सूर्य बृहस्पति के कारण से शुभ विवाह नहीं बन पाते हैं या कोई भी किसी प्रकार की त्रुटि या कमी हो तो इसमें उन लोगों की (उन जोड़ों की) शादियों को अत्यंत शुभ माना जाता है। यह अनबूझे मुहूर्तो में सर्वोत्तम माना जाता है।
इस वर्ष की अक्षय तृतीया मंगलकारी संयोग बना रही है। इस शुभ संयोग का फायदा हर किसी को मिलेगा। अक्षय तृतीया पर सूर्य-चंद्रमा दोनोंअपनी उच्च राशि में होते हैं, लेकिन इस बार मीन राशि में बुध मंगल और शनि ग्रह उपस्थित होंगे गुरुदेव बृहस्पति मिथुन राशि में उपलब्ध रहेंगे। राहु कुंभ राशि में केतु सिंह राशि में उपस्थित रहेगा। वहीं शुक्र और चंद्रमा वृषभ राशि में एक साथ होंगे। इस दिन किए गए दान और पुण्य कर्मों से मिलने वाले अखंड फल स्थाई होते हैं। अक्षय तृतीया को जया तिथि भी कहा जाता हैइस तिथि में किए गए कार्यों में पूर्ण सफलता मिलती है। अक्षय तृतीया खरीदारी से जीवन में सुख-समृद्धि, वैभव के साथ लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं।सतयुग और त्रेतायुग का इसी दिन आरंभ होना माना जाता है। भगवान परशुराम का अवतार इसी दिन हुआ है। सतयुग-त्रेतायुग का आरंभ, द्वापरयुग का समापन, गंगा का आगमन और बद्रीनाथ का कपाट खुलने का भी यह दिन है। अक्षय तृतीया पर भगवान शिवशंकर ने कुबेर को धन दिया था। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद जरूरतमंदों को दान करने से धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य, वैभव और समृद्धि में वृद्धि होती है।
इस मुहूर्त में विवाह होने से वर-वधू का दांपत्य जीवन अक्षय रहता है। अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदने का विधान है। इससे घर में बरकत आती है। इस दिन माता लक्ष्मीजी की चरण पादुकाएं लाकर घर में रखना चाहिए। ब्राह्मण को जल, कलश, सत्तु, ककड़ी, खरबूजा, फल, शक्कर, घी आदि दान देना चाहिए।
विशेष मुहूर्त : अक्षय तृतीया का प्रारंभ 19अप्रैल को सुबह 10.50 बजे से होगी।इस दिन प्रातः काल 7:10बजे से कृतिका नक्षत्र और वृष राशि का उच्च का चंद्रमा भी होगा।
इस बार हर राशि वालों के लिए यह संयोग शुभ फल ही देगा।
शुभ कार्य एवं खरीदारी हेतु अत्यंत शुभ चौघड़िया मुहूर्त
सबसे पहला विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त प्रात 09:07बजे से दोपहर 12:58 बजे के बीच "लाभ और अमृत"का अत्यंत शुभ चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध होंगा जिसमें मकान जायजाद,शोरूम ,ऑफिस आदि का बैनामा या शुभारंभ करना या हीरा जवाहरात या गहने खरीदना, विवाह शादी के लिए सामान खरीदना अत्यंत शुभ फलदायक माने जाएंगे
इसके बाद दोपहर 01:54 से दोपहर 03:29 के बीच "शुभ "का एक और अत्यंत शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा इसमें भी सोना चांदी हीरे जवाहरात खरीदना, घर उपयोग की वस्तुओं को लेना, विवाह शादी हेतु सामान खरीद अत्यंत शुभ हो समझी जाएगी इसके बाद सांयकाल 06:42 से रात्रि 09:30के बीच तीन बहुत शुभ मुहूर्त"शुभ अमृत और चर "के तीन अत्यंत शुभ चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे इसमें भी यह सारी खरीदारी करना अत्यंत शुभफलदायक समझा जाएगा।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरू रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,8272809774