आगरालीक्स…देखें वीडियो….आगरा के एसएन में रचा कीर्तिमान. पहली बार हुई सफल ‘बीटिंग हार्ट बायपास सर्जरी’ 66 साल के रतनलाल की 100% ब्लॉक थीं हृदय की दो मुख्य धमनियां..डॉ. सुशील सिंघल और टीम का कमाल
आगरा और आसपास के रहने वाले हृदय रोग से पीड़ित मरीजों और तीमारदारों को अब नई दिल्ली, गुडगांव या जयपुर जाने की जरूरत नहीं है. आगरा के एसएन में ही हृदय रोगियों का उपचार और सर्जरी की जा रही हैं. शुक्रवार को एसएन मेडिकल कॉलेज के 172 साल के इतिहास में पहली बार एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है. यहां पहली बार बीटिंग हार्ट (OPCABG) बायपास सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई है. यह जटिल ऑपरेशन सीटीवीएस विभाग के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल एवं उनकी टीम द्वारा किया गया.
मौत को मात देकर लौटे 66 वर्षीय रतन लाल
बोदला,आगरा निवासी रतन लाल शर्मा (66 वर्ष) पिछले 6 माह से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थे. उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी. हृदय की दो मुख्य धमनियां 100% ब्लॉक थीं. दिल की कार्यक्षमता (EF) घटकर केवल 35% रह गई थी. उच्च जोखिम (High Risk) होने के बावजूद डॉ. सुशील सिंघल ने इस चुनौती को स्वीकार किया.
13 अप्रैल 2026 की रात करीब 3 घंटे चली इस सर्जरी में 'बीटिंग हार्ट' तकनीक का उपयोग किया गया. इसमें दिल को बिना रोके, धड़कती हुई अवस्था में ही बायपास किया गया. यह एसएनएमसी के इतिहास की इस तरह की पहली सफल सर्जरी बनी.
देश का पहला मामला: रिकॉर्ड समय में डिस्चार्ज
इस सर्जरी की सबसे बड़ी उपलब्धि मरीज की रिकवरी रही. डॉ. सुशील सिंघल ने विशेष टिप्पणी करते हुए कहा कि, "यह देश की संभवतः पहली ऐसी बायपास सर्जरी है जिसमें मरीज की इतनी तीव्र रिकवरी हुई है और उसे सर्जरी के दूसरे ही दिन (POD-2 + कुछ घंटे) डिस्चार्ज कर दिया गया." आमतौर पर विश्वभर में ऐसी सर्जरी के बाद मरीज को 5 से 7 दिन अस्पताल में रखा जाता है. लेकिन एसएनएमसी में सर्जरी की सटीकता और उत्कृष्ट 'पेरिऑपरेटिव केयर' के कारण मरीज को मात्र 72 घंटों के भीतर छुट्टी दे दी गई, जो चिकित्सा जगत में एक दुर्लभ कीर्तिमान है.
मरीज की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और उनके पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं था. ऐसी स्थिति में “असाध्य रोग योजना” के तहत मरीज का पूरा इलाज निःशुल्क किया गया. जिस सर्जरी की निजी अस्पतालों में लागत ₹3–4 लाख होती है, उसे सरकारी योजना के माध्यम से मुफ्त कर मरीज को नई जिंदगी दी गई.
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा, "यह उपलब्धि न केवल मेडिकल उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। एस.एन. मेडिकल कॉलेज में हृदय की पहली बीटिंग हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हुई है। यह पूरे संस्थान की सामूहिक मेहनत है। हमारा लक्ष्य है कि अब आगरा के मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता न पड़े।"
सफलता की समर्पित टीम
CTVS सर्जन टीम: डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. शिव, डॉ. सुलभ गर्ग, डॉ. आरती।
एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर: डॉ. अपूर्वा मित्तल, डॉ. योगिता, डॉ. अतिहर्ष मोहन अग्रवाल, डॉ. अमिता, डॉ. रोहन, डॉ. अखिल, डॉ. विकास यादव।
सहयोगी स्टाफ: सिस्टर प्रमिला, श्वेता, सुमन, प्रिया एवं सहायक सचिन व मोनू।