
2010 में चालू हुए अंबेडकर पुल में दोबारा से गड्ढे होने लगे थे। ज्वाइंट्स के गर्डर टूटने की वजह से गहरी दरारें हो गई थीं लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। शनिवार रात को पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और वहां गहरा गड्ढा हो गया। जब वाहनों के गुजरने से तेज धमाके होने लगे तो पुलिसकर्मियों ने वहां मोबाइल बैरियर रखकर उस हिस्से में वाहनों को जाने से रोक दिया।
सोमवार को सेतु निगम की टीम ने पुल के हिस्से को खोदने का काम शुरू कर दिया, इस हिस्से से सीमेंट और कंकरीट को निकाला जा रहा है। पुल के निचले हिस्से में प्लेट लगाकर सरियों के पुराने जाल में भी नया जाल लगाया जाएगा। उसके बाद कंकरीट की नई लेयर डाली जाएगी। सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर नवाब सिंह का कहना है कि इस काम में कम से दो दिन लगेंगे लेकिन कंकरीट को सेट होकर मजबूत होने में कम से कम सात दिन का वक्त लगेगा।
छोटे वाहन स्ट्रेची ब्रिज और भारी वाहन जवाहर पुल
सेतु निगम के अधिकारियों ने प्रशासन से पुल पर वाहनों का आवागमन बंद करने की मांग की थी। इन हालातों को देखते हुए एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार रात 12 बजे से अनिश्चित काल के लिए अंबेडकर सेतु पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। इस अवधि में छोटे वाहनों को स्ट्रेची ब्रिज से और बडे़ वाहनों को जवाहर पुल से गुजारने के निर्देश दिए है। प्रयोग के तौर पर सोमवार शाम को भी पुलिस ने छोटे वाहनों को स्ट्रेची ब्रिज से निकालने की रिहर्सल की थी।
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