आगरालीक्स… आगरा के भाजपा से मेयर नवीन जैन और सांसद चौ. बाबूलाल आमने-सामने आ गए हैं। मेयर ने सांसद को पार्षद का चुनाव जीतने और निगम के नियम-कायदे सीखने की नसीहत दी तो सांसद बाबूलाल ने कहा कि गली-कूंचे का चुनाव नवीन जैन लड़ें, मुझे तो जनता ने देश की सर्वोच्च पंचायत में आवाज उठाने के लिए भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सांसद चौधरी बाबूलाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा नगर निगम में लगवाई जाए।
आगरा से भाजपा विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने 15 दिसंबर 2017 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि नगर निगम परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की दो प्रतिमा लगी हैं। आंबेडकर की एक प्रतिमा को वहां से हटाकर अन्य किसी उपयुक्त स्थान स्थापित करने और उस स्थान पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी। इस पर
संस्कृति निदेशालय को डीएम गौरव दयाल और एसएसपी अमित पाठक ने भेजी रिपोर्ट में कहा कि नगर निगम में 50 वाई 50 मीटर का पार्क है, इसके दक्षिण और पश्चिम दिशा में डॉ भीमराव आंबेडकर की दो प्रतिमाएं हैं। ये प्रतिमाएं 81 पार्षदों के सहयोग से स्थापित की गईं थी, इसमें से एक प्रतिमा को हटाया जाता है तो तो उनके साथ ही डॉ भीमराव आंबेडकर के प्रति विशेष रूप से आस्था रखने वाले समुदायों द्वारा विरोध किया जाएगा। ऐसे में नगर निगम की आख्या और कानून व्यवस्था को देखते हुए डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को नहीं हटाए जाने की संस्तुति की जाती है। साथ ही नगर निगम बोर्ड द्वारा नगर निगम पार्क में आंबेडकर की दोनों प्रतिमाओं को हटाए बिना पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रस्ताव पारित होता है तो जिला प्रशासन को आपत्ति नहीं है।
सांसद चौधरी बाबूलाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई
इस विवाद के बाद फतेहपुर सीकरी से भाजपा से सांसद चौधरी बाबूलाल ने नगर निगम परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा लगाने की मांग उठाई है, उनके विरोध में भाजपा से मेयर नवीन जैन आ गए हैं।
सांसद बाबूलाल और मेयर नवीन जैन आमने सामने

मेयर नवीन जैन ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय में उनकी गहरी श्रद्धा है। उनकी प्रतिमा के लिए शहर में बेहतर स्थान तलाशा जा रहा है, मगर सांसद द्वारा कहा गया बयान सही नहीं है। वे जबरन प्रतिमा लगवाने की बात कर रहे हैं, मगर शायद उन्हें यह नहीं पता कि शहर में किसी भी तरह की प्रतिमा लगाए जाने के लिए पहले प्रस्ताव निगम सदन में आता है। यहां पास होने के बाद प्रतिमा लगती है। उन्होंनें यह भी कहा कि अगर सांसद जी को जानकारी नहीं है तो वे पहले पार्षद का चुनाव जीतकर सदन में आए और यहां बैठकर नियम सीखें।
मेयर के बयान पर सांसद चौधरी बाबूलाल ने कहा कि हमें कोई नियम-कानून पढ़ने की कोई जरूरत नहीं है। हम तो सिर्फ इतना जानते हैं कि जिस नियम से निगम में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गईं, उसी कानून के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा लगाई जाए। चौ. बाबूलाल ने कहा कि जो लोग पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का विरोध कर रहे हैं, वो सच्चे भाजपाई हो ही नहीं सकते। उन्होंने यहां तक कहा कि नवीन जैन शायद भूल गए कि वो डा. अंबेडकर नहीं बल्कि भाजपा और पंडित दीनदयाल के सिद्धांतों के कारण मेयर बने हैं। मेयर हर हाल में यह सुनिश्चित करें कि निगम में पंडित दीनदयाल की प्रतिमा स्थापित हो।