आगरालीक्स…आगरा में मनाया गया अन्नकूट महोत्सव. गोवर्धन महाराज की पूजा अर्चना कर लगाई परिक्रमा. खाटू श्याम जी मंदिर में…
श्री गिरार्ज जी सेवा मंडल द्वारा आयोजित किया गया अन्नकूट महोत्सव
श्री गिर्राज महाराज के जयकारे और भक्ति में डूबे भक्तजन। श्री गिर्राज जी सेवा मंडल द्वारा जीवनी मंडी स्थित खाटू श्याम जी मंदिर में आयोजित अन्नकूट महोत्सव में कुछ ऐसा ही भक्तिमय वातावरण था। जहां सभी सदस्यों ने भक्ति-भाव से गिरार्ज जी महाराज की पूजा अर्चना कर परिक्रमा लगाई और अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया। मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल व संस्थापक नितेश अग्रवाल, सह संस्थापक मयंक अग्रवाल, मनोज गर्ग, अजय गोयल, श्याम सुन्दर माहेश्वरी, अध्यक्ष रविन्द्र गोयल, महासचिव अजय सिंघल, पवन अग्रवाल ने गोवर्धन महाराज का विधि विधान से पूजन कर आरती की। सभी सदस्यों ने गोवर्धन महाराज के जयकारों से परिक्रमा लगाई और प्रसाद ग्रहण किया।
छप्पन भोग महोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ
इस अवसर पर सूक्ष्म रूप में छप्पन भोग का भी आयोजन किया गया। संस्थापक नितेश अग्रवाल ने बताया कि बताया कि हर वर्ष की तरह अन्नकूट महोत्सव के साथ गोवर्धन में 27 दिसम्बर को आयोजित होने वाले छप्पन भोग महोत्सव की तैयारियों शुभारम्भ किया गया। साथ ही गोवर्धन महाराज से विश्व को कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए प्रार्थना की गई। इस वर्ष भव्य और दिव्य छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से अंकुर अग्रवाल, नीरज कुमार, संतोष मित्तल, विकास जैन, विशाल बंसल, पुनीत अग्रवाल, नीरज कुमार, कुलभूषण गुप्ता, वीरेन्द्र सिंघल, मनीष अग्रवाल, अतुल गोयल, लक्ष्मण सिंघल आदि उपस्थित थे।
कैसे शुरु हुई छप्पन भोग की परम्परा
संस्था के पवन अग्रवाल ने बताया कि भगवान कृष्ण ने ब्रज वासियों को बचाने के लिए सात दिन तक अपनी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा था। एक दिन में आठ प्रहर होते हैं। यानि वह छप्पन प्रहर तक गोवर्धन को उठाए खड़े रहे थे। इस दौरान नौ नन्द, नौउपनन्द, छः बृषभानु, 24 पटरानी, आठ सखाओं ने एक-एक व्यंजन अपने घर से बनाकर श्रीकृष्ण को समर्पित किए थे। इसीलिए श्रीहरि को छप्पन भोग लगाने की परम्परा चली आ रही है।