आगरालीक्स…. आगरा में बैंक मैनेजर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर मौत का समय लिखना ही भूल गए, दोबारा रिपोर्ट मंगाई। मैनेजर की हत्या के आरोप में पत्नी की तलाश।
रामरघु एग्जोटिका में रह रहे बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय के परिजनों को 12 अक्टूबर को सूचना मिली कि उनके बेटे की मौत हो गई है। बैंक मैनेजर की मौत को सुसाइड बताते हुए पोस्टमार्टम कराया गया, इसके बाद अंतिम संस्कार हो गया। बैंक प्रबंधक के पिता केशवदेव शर्मा निवासी मंसुखपुरा ने बेटे की हत्या के आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
समय लिखना भूल गए डॉक्टर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 13 अक्टूबर को पीएम करने के बाद डॉक्टरों ने पुलिस को रिपोर्ट भेज दी, इसमें मौत का कारण गला घुटने से हत्या आया, पैर और जांघ पर जलने के निशान भी थे। इसी दिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने रिपोर्ट वापस मंगा ली, तर्क दिया कि मौत का समय लिखना भूल गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर मौत का समय लिखा गया, मौत एक से दो दिन पहले हुई थी। इसके बाद दोबारा रिपोर्ट भेजी गई। पुलिस ने बैंक मैनेजर के पिता को बुलाया और उनकी तहरीर पर 18 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस तलाश में जुटी
इस मामले में पुलिस बैंक मैनेजर के साले क्रष्णा रावत को जेल भेज चुकी है, पत्नी प्रियंका की तलाश है। उधर, सचिन उपाध्याय के ससुर, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि परिवार को बदनाम किया जा रहा है। सचिन ने आत्महत्या की थी, तीन साल की बेटी ने फंदे पर लटका हुआ देखा था। सचिन का अपनी मां और भाई से विवाद था, उन्होंने इ मामले की जांच एसआईटी या सीबीसीआईडी से कराने की मांग की है।