आगरालीक्स…कोरोना की पॉजिटिवी पर भारी पड़ी पॉजिटिव सोच. 80 वर्ष की उम्र में 10 दिन के अंदर दी कोरोना को मात. हास्पिटल में मनाई मैरिज एनीवर्सिरी
सकारात्मक सोच हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किलों पर भी काबू पाया जा सकता है. कोरोना महामारी भी ऐसी ही है, अगर आप हिम्मत और सकारात्मक सोच का भी सहारा लें तों इसको मात दी जा सकती है. ये कहना है कि 80 साल के बुजुर्ग सतीश चंद्र उपाध्याय का. टूंडला तहसील के लतुर्रा में रहने वाले सतीश चंद्र पूर्व प्रधान रह चुके हैं. हाल ही में पंचायत चुनाव में भी इनकी भूमिका रही लेकिन यहां से वो कोरोना संक्रमित हो गए. बुखार आने लगा और इसके कारण उनका आक्सीजन लेवल भी लगातार गिरने लगा. इस पर उनके बेटे ने फिरोजाबाद में प्राइवेट ट्रामा सेंटर के कोविड वार्ड में भर्ती कराया. खुशमिजाज रहने वाले सतीश चंद्र जल्द ही अपने व्यवहार के चलते चिकित्सकों व स्टाफ के साथ नजदीक आ गए. बस उनकी इसी खुशमिजाजी का असर ये रहा कि दस दिन बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई. उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई लेकिन तभी डॉक्टरों को पता लगा कि आज सतीशचंद्र उपाध्याय की 61वीं वर्षगांठ थी. इस पर चिकितसकों ने छुट्टी से पहले ही केक मंगवाकर शादी की साल गिरह का केक काटकर वर्षगांठ को सेलिब्रेट किया गया. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच ने भी उन्हें काफी हद तक कोरोना से ठीक होने का काम किया है. घर पहुंचने पर परिजनों ने उनका जोरदार स्वागत किया.