आगरालीक्स… आगरा में बर्ड फ्लू को लेकर कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों की टीम ने आज सूर सरोवर (कीठम झील) में आने वाले देशी-विदेशी परिंदों की गतिविधियों को परखा। मोटरबोट से कई घंटे झील को खंगाला लेकिन कोई संदिग्ध परिंदा या मृत परिंदा हाथ नहीं लगा।
देशी-विदेशी परिंदों की गतिविधि परखीं
सूर सरोवर पक्षी विहार (कीठम झील) में देशी-विदेशी परिंदे इन दिनों प्रवास किए हुए हैं। बर्ड फ्लू विदेशी परिंदों से आने की आंशका को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं अपर निदेशक आगरा मंडल डा. वासुदेव सिंह तोमर आज पशुपालन विभाग और वन विभाग की टीम के साथ कीठम झील पर पहुंचे।
कई घंटे झील को खंगाला
उन्होंने मोटरबोट में बैठकर दुरबीन से कई घंटे तक देशी-परिन्दों की हालत को परखा औऱ झील को भी खंगाला ताकि कोई पक्षी किसी तरह मर गया हो तो उसके अवशेषों को लेकर जांच के लिए भेजा जा सके। सीवीओ वीएस तोमर ने आगरालीक्स को बताया कि सुबह से विभागीय अधिकारियों व वन विभाग की टीम के अधिकारियों के साथ कीठम झील का गहराई से निरीक्षण किया गया है लेकिन भी पक्षी किसी बीमारी से पीड़ित या मृत नहीं पाया गया है और न ही किसी परिंदे में असमान्य व्यवहार मिला। मोटरबोट से झील के अंदरुनी क्षेत्रों की गहनता से जांच की गई है।
टीम में यह रहे शामिल

टीम में पशु चिकित्साधिकारी सदर डा. विकास यादव, भालू संरक्षण केंद्र आगरा के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डा. इलिया राजा, सूर सरोवर पक्षी विहार के क्षेत्रीय वन अधिकारी और उनका स्टाफ शामिल रहा।
पहले दिन से ही सजगता
उल्लेखनीय है कि आगरा में बर्ड फ्लू को लेकर पशुपालन विभाग पहले दिन से ही सजगता बरते हुए है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए ब्लॉक स्तर पर 15 टीमों का गठन कर दिया है। किसी भी परिंदे की मरने की सूचना मिलने पर टीमें मौके पर जा रही हैं। अभी तक मृत एक ईगल और कबूतर के नमूने लेकर जांच को भेजे गए हैं। इनमें से कबूतर की मौत ठंड से और ईगल (चील) की मौत मांझे से गर्दन कटना पाया गया है।