आगरालीक्स… आगरा की दोनों सीटों पर भाजपा ने घोषित किए प्रत्याशी, सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया और सांसद चौधरी बाबूलाल की टिकट कटी, आगरा सुरक्षित सीट से एसपी सिंह बघेल और फतेहपुर सीकरी सीट से राजकुमार चाहर को प्रत्याशी घोषित किया गया है।
गुरुवार को होली खेलने के बाद दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नडडा ने प्रेसवार्ता में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाराणसी से प्रत्याशी घोषित किया है। गांधीनगर से अमित शाह चुनाव लडेंगे।
गांधीनगर- अमित शाह
ये हैं उत्तर प्रदेश के प्रत्याशी
आगरा- एसपी सिंह बघेल

आगरा- एसपी सिंह बघेल
सपा, बसपा और भाजपा में पहुंच गए
एसपी सिंह बघेल ने अपना राजनैतिक करियर सपा से शुरू किया, बघेल समाज में लोकप्रिय एसपी सिंह बघेल ने 1998, 1999 और 2004 में सपा से जलेसर सीट से लोकसभा चुनाव लडा। इसके बाद वे बसपा में आ गए और दो बार चुनाव लडा। 2014 में बसपा से एसपी सिंह बघेल राज्यसभा सदस्य बने। 2015 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली, 2017 के विधानसभा चुनाव में वे टूंडला सीट से भाजपा से जीते और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए। वे वर्तमान में टूंडला से विधायक और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
क्यों कटी दो बार के सांसद कठेरिया की टिकट
आगरा सुरक्षित सीट से दो बार के सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया की टिकट यूं ही नहीं कटी है। उनके बारे में आम लोगों की राय अच्छी नहीं थी लंबे समय से सांसद कठेरिया का विरोध हो रहा था। डॉ राम शंकर कठेरिया और एसपी सिंह बघेल के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई थी। वे दो बार से सांसद थे, इसके बाद भी आगरा के लोगों में उन्हें लेकर असंतोष था, इसे देखते हुए उनकी टिकट काट दी गई।
फतेहपुर सीकरी- राजकुमार चाहर

फतेहपुर सीकरी- राजकुमार चाहर
भाजपा के राजकुमार चाहर प्रत्याशी होंगे….
चाहरवाटी निवासी राजकुमार चाहर एक किसान नेता के रुप में प्रचलित हैं, इनके समर्थकों में युवाओं की लंबी फेहरिस्त है, 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट न मिलने पर राजकुमार चाहर ने निर्दलीय चुनाव लडा था और 60 हजार वोट मिले थे। उनके समर्थन में बडी संख्या में युवाओं के साथ स्थानीय लोग थे। राजकुमार चाहर बीकॉम हैं।
इसलिए कटी चौधरी बाबूलाल की टिकट
सांसद चौधरी बाबूलाल विवादों में रहे हैं, उनका और सांसद राम शंकर कठेरिया का विवाद पांच साल तक चलता रहा। जुबानी जंग के साथ ही एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया था। चौधरी बाबूलाल सरकार के फैसले के खिलाफ भी कई बार बयानबाजी कर चुके हैं।
मथुरा- हेमा मालिनी

मथुरा- हेमा मालिनी
लखनऊ- राजनाथ सिंह
नागपुर- नितिन गडकरी
अमेठी- स्मृति ईरानी
मुजफ्फरनगर- संजीव बाल्यान
गाजियाबाद- वीके सिंह
गौतमबुद्ध नगर- महेश शर्मा
उन्नाव- साक्षी महाराज
बागपत-सत्यपाल सिंह
अलीगढ़- सतीश गौतम
एटा- राजवीर सिंह
गाजीपुर- मनोज सिन्हा
हरदोई- जयप्रकाश रावत
मुरादाबाद- कुंवर सर्वेश सिंह
बदायूं- संगमित्रा मौर्य