आगरालीक्स…. हर रोज हम इतनी अच्छी और सच्ची बातें सुनते हैं, पढ़ते हैं, लेकिन कभी उन्हें खुद की जिंदगी में लागू करने की कोशिश नहीं करते। आगरा में डॉक्टरों के लिए आयोजित कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वक्ता ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन ने अपने आगरा प्रवास के दूसरे दिन रविवार को खुश रहने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि खुश रहने के लिए खुद को आत्मबलशाली बनाएं। आगरा आॅब्सट्रेट्रिक एंड गायनिकोलॉजिकल सोसाइटी (एओजीएस), रेनबो हॉस्पिटल और स्मृति संस्था की ओर से आत्मिक अनुभूति से जुड़ा एक वृहद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। रविवार सुबह फतेहाबाद रोड स्थित कलाकृति सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन ने खुद को पहचानकर परमात्मा से जुड़ने के कई पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भागमभाग भरी जिंदगी में परिचिंतन हमारा काम हो गया है, जिसकी वजह से जिंदगी इतनी भारी और उदास हो गई है। उन्होंने कहा कि हर रोज हम इतनी अच्छी और सच्ची बातें सुनते हैं, पढ़ते हैं, लेकिन कभी उन्हें खुद की जिंदगी में लागू करने की कोशिश नहीं करते। परमात्मा से जुड़ी ऐसी किसी एक भी बात को अगर हम अपना बना लें तो निश्चित ही हमारी जिंदगी परिवर्तित हो सकती है। हम दूसरों से प्यार, शांति और सुख की उम्मीद करते हैं और नहीं मिलने पर दुखी हो जाते हैं। हमें अपने अहम को त्याग कर दूसरों को सहयोग देना सीखना होगा।
कलाकृति सभागार में उनके इस संबोधन को शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों और डॉक्टरों सहित करीब 800 लोग सुन रहे थे और जीवन के खूबसूरत अनुभव को महसूस कर रहे थे। इससे पर्वू दीप प्रज्ज्वलन के साथ हर किसी ने परमपिता परमात्मा को याद किया और शुभ भावनाओं के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। ब्रह्मकुमारी शिवानी बहन का स्वागत रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक एवं स्मृति संस्था के चेयरमैन डा. नरेंद्र मल्होत्रा और फोग्सी की प्रेसीडेंट इलेक्ट डा. जयदीप मल्होत्रा ने किया। एओजीएस की अध्यक्ष डा. सुधा बंसल और सचिव वंदना सिंघल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डा. आरएम मल्होत्रा, डा. अनुपम गुप्ता, डा. निहारिका मल्होत्रा, डा. ऋषभ बोरा, डा. सविता त्यागी, डा. वरुण सरकार, डा. संध्या अग्रवाल, ओसवाल ग्रुप के अशोक जैन, लीडर्स आगरा के सुनील जैन, वंदना सिंह, वीर मेडवाल, डा. पार्थ सारथी शर्मा, तपन ग्रुप के सुरेश चंद गर्ग, अमित अग्रवाल, आनंद अग्रवाल, राकेश आहूजा, अमृतपाल सिंह चड्ढा, सुदीप पुरी, लवकेश गौतम, तरुण मैनी, जगमोहन गोयल, दीपक, धर्मेंद्र, नवनीत, केशवेंद्र सिसौदिया आदि मौजूद थे।
मरीज को पॉजिटिव वाइब्रेशन दें डॉक्टर……
सत्र समाप्त होने के बाद ब्रह्मकुमारी शिवानी बहन ने डॉक्टरों के साथ ‘माइंड बॉडी मेडिसिन’ कार्यशाला की। उन्होंने कहा कि हर किसी काम में आराम का अवसर हो सकता है, लेकिन डॉक्टरों को यह अवसर नहीं मिलता। क्योंकि मरीजों की लिस्ट कभी कम नहीं होती। ऐसे में सबसे जरूरी है डॉक्टर खुद को आत्मबलशाली बनाएं। मन को शांत रखें। मरीज उस बात पर विश्वास करते हैं, जो डॉक्टर उनसे कहते हैं। ऐसे में मरीज को पॉजिटिव वाइब्रेशन दें। जब कोई मरीज अस्पताल में या क्लीनिक पर आता है तो वह इस विश्वास से आता है कि पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा। इसलिए मरीज को पॉजिटिव वाइब्रेशन देना जरूरी है। बीमारी जब तक उसके दिमाग से बाहर नहीं निकलेगी उसका ठीक होना मुश्किल है। आज नहीं तो कल वह दोबारा लौटकर आएगा और हमें यह नहीं करना है। हमें मरीज की बीमारी को जड़े से खत्म करना है और उससे कहना है कि अब हम दोबारा नहीं मिलेंगे।

रेनबो हॉस्पिटल में मरीजों का बढ़ाया मनोबल…..
कलाकृति सभागार में लोगों को संबोधित कर और माइंड बॉडी मेडिसिन कार्यशाला के बाद दोपहर 12 बजे करीब ब्रह्मकुमारी शिवानी बहन रेनबो हॉस्पिटल पहुंची। यहां उन्होंने डॉक्टरों, स्टाफ और मरीजों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अतीत की बातें, व्यर्थ चिंतन ही हमारी मानसिक शांति और आंतरिक शक्तियों को नष्ट करता है। ईश्वरीय ज्ञान और योग से जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य व समृद्ध जीवन प्राप्त किया जा सकता है।
ब्रह्मकुमारी संस्था के बारे में……
ब्रह्मकुमारी संस्था एक ऐसी संस्था है जो प्रकाश का स्तंभ है। दुनिया में हारी थकी आत्माओं में ऊर्जा भरती है। यही नहीं, ये एक ऐसा विश्वविद्यालय है जहां नि:स्वार्थ भाव से सेवा की जाती है। परमात्मा से मिलन का एक जरिया है। इस विद्यालय में रूहानियत का पाठ पढ़ाया जाता है। ब्रह्मकुमारीज विश्व भर में फैला हुआ एक ऐसा आध्यात्मिक संस्थान है जो व्यक्तिगत परिवर्तन और विश्व निर्माण के लिए समर्पित है। इसका अंतर्राष्टÑीय मुख्यालय माउंट आबू में स्थित है।
हर साल माउंट आबू में जुटते हैं हजारों डॉक्टर……
रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक एवं स्मृति संस्था के चेयरमैन डा. नरेंद्र मल्होत्रा और फोग्सी की प्रेसीडेंट इलेक्ट डा. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि डॉक्टर हमेशा व्यस्त रहते हैं। आराम का समय नहीं मिलता। इससे कई बार तनाव बढ़ने लगता है। इन परिस्थितियों को नियंत्रित रखने का सलीका सीखने के लिए हजारों की संख्या में देश-विदेश से डॉक्टर माउंट आबू स्थित ब्रह्मकुमारी संस्था के मुख्यालय पहुंचते हैं। जनवरी माह में भी वहा करीब 10000 डॉक्टर जुटने वाले हैं।