आगरालीक्स… आगरा में दीपावली से पहले लायंस क्लब में बम फूट गया है। लायंस क्लब आॅफ आगरा मैवरिक्स रद होने के बाद गंभीर आरोप लग रहे हैं। सदस्यों के फर्जी पते से लेकर सदस्यता शुल्क और पार्टी के आयोजन में अनियमिताओं के आरोप से लायंस क्लब के अंदर चल रही गुटबाजी सामने आने लगी है।
लायंस इंटरनेशनल द्वारा लायंस क्लब आॅफ आगरा मैवरिक्स का चार्टर रद कर दिया गया है। इसके बाद से आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं। गुरुवार को होटल मेट्रो में आयोजित प्रेसवार्ता में आगरा मैवरिक्स के तत्कालीन अध्यक्ष अनुज अग्रवाल और डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सीपी सिंघल ने आरोप लगाए हैं कि आगरा मैवरिक्स 2007 में बना था। इसके 100 सदस्य हैं, सभी सदस्यों के पते फर्जी हैं। यह सब इंटरनेशनल को हर साल दिए जाने वाले 43 डॉलर के शुल्क से कमाई करने के लिए किया गया। एक सदस्य के चार परिजन दिखाए गए क्योंकि परिजन के लिए सालाना शुल्क 21 5 डॉलर है और सभी सदस्यों से पूरा शुल्क 43 डॉलर लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जोन और रीजन के गठन में कोई गडबडी नहीं हुई है।
मैवरिक्स ने ये लगाए थे आरोप
सोमवार को कलकत्ता वाली बगीची, एमजी रोड पर लायंस क्लब मेवरिक्स की बैठक हुई। नितिन कंसल व किंशुक जैन ने आरोप लगाए हैं कि डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सीपी सिंघल ने एक साल के कार्यकाल में अधिकतम फंड जुटाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित संख्या से अधिक रीजन व जोन चेयरपर्सन बना दिए गए हैं। इसके चलते पदाधिकारी अपना पद छोड रहे हैं। मेवरिक्स के पदाधिकारियों का दावा है कि पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर उनके साथ हैं, मेवरिक्स को बदनाम किया जा रहा है। लायंस इंटरनेशनल से भी क्लब को रीस्टेट करने के लिए मेल आ गया है। इस दौरान नितिन अग्रवाल, अश्वनी खंडेलवाल, प्रतीक खंडेवाल, अन्नू अग्रवाल, राजन गोयल, राहुल गर्ग और मीडिया प्रभारी कुमार ललित मौजूद रहे।
यह था मामला
लायंस क्लब के आगरा में 49 क्लब हैं और लायंस आगरा डिस्ट्रिक्ट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है, इसमें 91 क्लब आते हैं। लायंस इंटरनेशनल का अपना संविधान है, क्लब को संविधान का पालन करना होता है। लायंस क्लब आॅफ आगरा मेवरिक्स की गतिविधियों पर 28 जून 2015 में आयोजित की गई पार्टी से सवाल उठे थे। क्लब की एक महिला सदस्या ने पार्टी के आयोजन के दौरान शराब परोसने के तरीके और विदेशी कलाकारों के डांस करने पर आपत्ति की थी और अपने इस दर्द को सोशल मीडिया पर बयां किया था। इसके बाद से क्लब में खलबली मच गई थी और पदाधिकारियों ने क्लब को मर्यादा में रहने के लिए कहा था।
काउंसिलेटर ने अपनी रिपोर्ट में उठाए सवाल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्लब के मामले की जांच के लिए क्लब के पूर्व गवर्नर केके पालीवाल काउंसिलेटर नियुक्त किए गए थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में क्लब के निर्वाचन में अनियमिताओंके साथ परिवारिक सदस्यता देने में अनियमिताएं और गुटबाजी की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद लायंस क्लब आॅफ आगरा मेवरिक्स की मान्यता रद करने का निर्णय लिया गया है।
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