आगरालीक्स… आगरा में मंदी और नए कानूनों से बिल्डर का सब्र जवाब दे गया है, अब वे फ्लैट बेचने के बजाय प्रोजेक्ट के ले आउट एडीए में सरेंडर कर हाथ खींचने लगे हैं। जिससे बडे नुकसान से बच सकें और सामाजिक प्रतिष्ठ पर आंच न आए।
आगरा में पांच साल पहले रीयल एस्टेट में बूम आया था, जिसे देखो वही बिल्डर बन गया और आगरा के बाहरी क्षेत्र में प्रोजेक्ट शुरू हो गए। इसके लिए बिल्डर ने पांच लाख रुपये एडीए में जमा कराने के बाद नक्शा पास कराया, धीरे धीरे रीयल एस्टेट इंडस्ट्री में मंदी आने लगी, इसके बाद इन्वेस्टमेंट के लिए रीयल एस्टेट में दिलचस्पी दिखाने वाले लोगों ने भी हाथ खींच लिए, इससे बिल्डरों का टर्नओवर गडबडा गया, उन्होंने एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेचकर मंदी में साख बचाने की कोशिश की, यह एक साल तक चला, जैसे ही लोगों को बिल्डरों के खेल की जानकारी हुई उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके बाद एक दर्जन रीयल एस्टेट कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
बडे प्रोजेक्ट के ले आउट सरेंडर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे में साख बचाने के लिए बडे रीयल एस्टेट कारोबारियों ने अपने प्रोजेक्ट के ले आउट सरेंडर करना शुरू कर दिया है। बिल्डर दीपक जैन, हेमंत जैन पुत्र केसी जैन ने केपीएस ग्रीन फेस 1 महुआं खेडा और कलाल खेरिया के प्रोजेक्ट के ले आउट को सरेंडर कर दिया है। इसी तरह इंदरचंद जैन, ने अनुपम ताज एस्टेट कुआंखेडा, राहुल जैन ने अनुपम हेरिटेज व अनुपम ताज का ले आउट सरेंडर कर दिया है। मान सिंह ने श्री विष्णु विहार 2 का जउपुरा, बोदला का ले आउट सरेंडर कर दिया।
7 जून को पुलिस ने मारा छापा
आगरा में बडे रियल एस्टेट कारोबारी निखिल होम्स के मालिक और गायत्री बिल्डर्स के एमडी के घर पर पुलिस ने छापा मारा, इन दोनों पर फ्लैट बेचने में लाखों की धोखाधडी के आरोप में मुकदमा दर्ज हैं। पुलिस फोर्स के साथ दोनों रियल एस्टेट कारोबारी के घर पर टीम पहुंची। दोनों आरोपी रियल एस्टेट कारोबारियों की धरपकड के प्रयास में पुलिस टीम जुटी हुई है।
आगरा में पिछले पांच सालों में रियल एस्टेट मार्केट में बूम आया था, बिल्डर्स ने नई कॉलोनी बनाई, कॉलेनी की लांचिंग के साथ ही फ्लैट की बुकिंग शुरू कर दी और प्राचार प्रसार में मोटा पैसा खर्च किया। एक प्रोजेक्ट पूरा होता उससे पहले दूसरे प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिया। इस तरह बिल्डर्स का पैसा फंसता चला गया, इस क्षेत्र में मंदी आने के बाद बिल्डर्स ने बुकिंग होने के बाद भी कर्ज चुकाने के लिए दूसरे लोगों को फ्लैट की बिक्री कर दी। इस तरह के मामले में आगरा के आधा दर्जन बिल्डर्स पर धोखाधडी के मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
निखिल होम्स के संचालक के घर छापा
निखिल होम्स के संचालक शैलेंद्र अग्रवाल के कई प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने वाले लोगों ने धोखाधडी का मुकदमा दर्ज कराया है। इसके साथ ही जमीन कब्जाने के मुकदमे भी दर्ज हैं। पुलिस ने शैलेंद्र अग्रवाल के घर छापा मारा, वहां मौजूद लोगों से शैलेद्र अग्रवाल के बारे में जानकारी ली।
गायत्री बिल्डर्स के एमडी के घर पहुंची टीम
पुलिस की एक टीम गायत्री बिल्डर्स के एमडी हरिओम दीक्षित के विभव अपार्टमेंट स्थित आवास में पहुंची। टीम दोनों बिल्डर्स को अरेस्ट करने के प्रयास में जुटी हुई है, इन दोनों पर ही धोखाधडी के मुकदमे दर्ज हैं।
इंटरनेट फोटो
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