आगरालीक्स …आगरा में दिल दहला देने वाले हादसे में कारोबारी की दो बेटियां जिंदा जल गई, आग लगने से पहली मंजिल पर दोनों बेटियां फंस गईं, उन्हें एक घंटे बाद बाहर निकाला जा सका, तब तक दोनों की दम घुटने से मौत हो गई।
आगरा के रुनकता में संजीव अग्रवाल की प्रोविजनल स्टोर की दुकान है, प्रथम तल पर परिवार रहता है। बुधवार सुबह शॉर्ट सर्किट से दुकान में आग लग गई, दुकान में पटाखे रखे हुए थे, आग लगने से पटाखों में विस्फोट हो गया और पूरा मकान आग की लपटों से घिर गया। आग में फंसे कारोबारी और अन्य सदस्य बाहर निकल आए।
कमरे में दम घुटने से दो बेटियों की मौत
आग की लपटों से घिरे मकान के प्रथम तल के कमरे में कारोबारी संजय अग्रवाल की बेटी 12 वर्षीय वैष्णवी और नौ वर्षीय चीनू फंस गई, आग की लपटें तेज थी, ऐसे में स्थानीय लोगों ने पीछे के रास्ते से कमरे की दीवार तोडी, इसमें करीब एक घंटा लग गया, वैष्णवी और चीनू को बाहर निकाला गया, दोनों बेहोश थी, परिजन उन्हें लेकर हॉस्पिटल पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद म्रत घोषित कर दिया।
दीपावली पर आंखों के सामने बेटियों की मौत
दीपावली पर कारोबारी की आंखों के सामने दोनों बेटियों की मौत हो गई, उन्होंने कई बार आग की लपटों के बीच से अंदर जाने की कोशिश की लेकिन नहीं जा सके। ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया, कमरे में धुआं भर जाने से दोनों बेटियां बाहर निकलने की कोशिश करती रहीं लेकिन नहीं निकल सकी और मौत हो गई।
पुलिस के खिलाफ आक्रोश
आक्रोशित लोगों का कहना है कि आग लगने पर पुलिस और दमकल कर्मियों को फोन किया गया था लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद खुद ही बेटियों को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन आग की लपटें तेज होने से उन्हें बचा नहीं सके।