
ताजनगरी फेस एक निवासी सैंडल कारोबारी हाजी मुईनउद्दीन 17 मई की रात बेंगलुरू जाने के लिए घर से निकले थे। इस पर बेटा व बेटी पिता की तलाश में बेंगलुरू पहुंए गए। उनका कोई पता न चलने पर 23 मई को ताजगंज थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। परिजन अपने स्तर से तलाश में जुटे थे। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मस्जिद में हाजी मुईनउद्दीन की सलमाती की दुआ को बोला गया। वहां लोगों ने घरवालों से कहा कि थानों में अज्ञात शवों के बारे में भी पता करें।
एत्मादपुर में फेंका था शव
कारोबारी का चचेरा भाई सलाम रविवार को एत्मादपुर थाने पहुंचा। वहां मोहल्ल सत्ता के तालाब में 18 मई की सुबह सूटकेस में एक शव मिला था। फोटो देखते ही सलाम ने शव पहचान लिया। कारोबारी की हत्या की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग एकजुट हो गए। भीड़ पचकुइयां कब्रिस्तान पहुंच गई।
घर से निकलने से पहले आया था फोन
हाजी मुईनउद्दीन का सैंडल का बडा कारोबार है, मंटोला में उनका कारखाना है। बेंगलुरू में शोरूम है। दक्षिण भारत में उनके सैंडल की बहुत डिमांड है। पूछताछ में कारोबारी की पत्नी चांदनी ने पुलिस को बताया कि हाजी 17 मई की रात में फोन आने के बाद घर से पठानी सूट पहनकर निकले थे। यह फोन किसका था पता नही है। उन्हें आगरा से दिल्ली और वहां से फ्लाइट से बेंगलुरू जाना था। 23 मई को वापस लौटना था। इस कारण वह बच्चों संग जियारत को देवा शरीफ (बाराबंकी) चली गई थीं। एत्मादपुर में जब शव मिला तो तन पर कत्थई बनियान व नीली चेकदार लुंगी थी। पठानी सूट गायब था। इंस्पेक्टर ताजगंज एके सिंह ने बताया कि कारोबारी की मोबाइल कॉल डिटेल से राज खुलेंगे। रविवार को अवकाश की वजह से कॉल डिटेल नहीं मिल पाई। सोमवार से पुलिस इस केस पर काम शुरू हो जाएगा।
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