आगरालीक्स… आगरा के एक हॉस्पिटल में डॉक्टर दंपति का दवा कारोबारी भाई पत्नी की हत्या करने के बाद नौ घंटे तक उसके साथ रहा, उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की, यह मुश्किल था, इसलिए सुसाइड कर लिया। फोरेंसिक टीम और पुलिस की जांच में यही सामने आया है।
जयपुर हाउस की कोठी नंबर 59 में राजपाल नर्सिंग होम हैं, इसकी पहली मंजिल पर एक हिस्से में डॉ वीके राजपाल और डॉ मधु राजपाल रहते हैं। दूसरे हिस्से में सुनील राजपाल अपनी पत्नी अंशु राजपाल के साथ रहते हैं। सुनील का हॉस्पिटल में ही मेडिकल स्टोर है, जबकि अंशु बुटीक का काम करती हैं और दिल्ली से कपडे लेकर आतीं थीं। उनका बेटा संभव न्यूजीलैंड से पढाई करने के बाद गुडगांव में नौकरी कर रहा था। पुलिस को मिले सुसाइड नोट और घटनास्थल को देखने के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार सुबह 10. 30 बजे डबलबेड पर सुनील ने अपनी पत्नी अंशू की ईंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी, खून न बहे, इसके लिए तकिया और कंबल का इस्तेमाल किया। हत्या करने के बाद शव को चादर में लपेट कर दूसरे कमरे में ले गए। ईंट और कमरे को पानी से धो दिया, जिससे खून के निशान न मिलें। बीच में कर्मचारी उन्हें बुलाने आए,उनसे कह दिया कि तबीयत ठीक नहीं है। वह अपनी पत्नी के शव के साथ नौ घंटे तक रहे और रात को सुसाइड कर लिया।

सुनील को पसंद नहीं थे अंशु के दोस्त
सुनील और अंशु की शादी 1990 में हुई थी, अंशु का मायका छीपीटोला में है और अब एनीमेंट अपार्टमेंट खंदारी में रह रहे हैं। अंशु और सुनील दोनों के दोस्तों की फेहरिस्त लंबी है। फेसबुक पर भी दोनों एक्टिव रहते थे। सुनील को अंशु के दोस्त पसंद नहीं थे। बुटीक पर कई लोग पत्नी के लिए कपड़े खरीदने आते थे। उन्हें भी सुनील पसंद नहीं करते थे। इसके विपरीत अंशु खुले विचारों की थी। उनका रहन सहन और बोलचाल ओपन माइंड थे। इसी के चलते दोनों में अक्सर अनबन रहती थी। एक बार तो पुलिस बुलाने की नौबत आ गई थी। परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि सुनील चाहते थे कि अंशु पूरा समय उन्हें ही दे। उनका ध्यान रखे, वे जैसा चाहें, वैसे ही रहे। अंशु अपनी जिंदगी जीना चाहती थी । इसी पर दोनों में अनबन हो जाती थी। एक दो बार तो सुनील ने अंशु के पहनावे पर भी आपत्त्ति की।

सुसाइड नोट
‘मैंने अपनी वाइफ अंशु राजपाल का आज सुबह दिनांक 17 अप्रैल 2017 को सुबह 10:30 को मंडे को मर्डर कर दिया है जिसका जिम्मेदार मैं हूं। मैं खुद सुसाइड करने जा रहा हूं। इस जिंदगी से मैं तंग आ गया था। कोई भी इसका जिम्मेदार नहीं है। मैंने अपने बेडरूम में मर्डर किया है। लाश दूसरे कमरे में है। मैं अपने बेटे से बहुत प्यार करता हूं। डा. साहब इसका ध्यान रखिएगा। मैं आपका बहुत आभारी रहूंगा’।
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