आगरालीक्स… आगरा के कारोबारी को विवाहेत्तर संबंध खुलने के डर से पत्नी बनाकर रखी महिला, उसकी बेटी और मासूम बेटे की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। नौ साल पहले दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड में शामिल दो और लोगों को सजा सुनाई गई है। मां बेटी के शव के छत पर 11 टुकडे कर बोरे में भरकर नहर में डाल दिए थे और मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
आगरा के बल्केश्वर निवासी कारोबारी मुकेश शर्मा का टिंबर का काम है, वह शादीशुदा होने के साथ एक बेटा और बेटी है। उसके शालिनी शर्मा से संबंध ओ गए, शालिनी की छह बेटी और एक बेटा था, उसने उसे विमल वाटिका कमला नगर में घर दिलवा दिया और पत्नी बनाकर रखने लगा, उसकी बेटी उसे पापा कहते थे। 15 अप्रैल को मुकेश शर्मा शालिनी शर्मा के मासूम बेटे की आंख में परेशानी होने पर दिल्ली दिखवाने के लिए शालिनी शर्मा, बेटी खुशबू और मासूम बेटे को लेकर अपनी कार से ड्राइवर अशोक उपाध्याय निवासी भैरों नाला के साथ लेकर निकला।
पत्नी और बेटी के किए 11 -11 टुकडे
मुकेश शर्मा के साथ हत्याकांड में उनकी दुकान पर काम करने वाला नौकर कासिम भी शामिल था। मां और बेटी की हत्या करने के बाद दुकान की छत पर कासिम ने दोनों के 11 11 टुकडे किए, दोनों के शव के टुकडों को बोरे में रखकर खडबाई नहर, सिकंदरा में पफेंक दिया और मासूम की गला घोंटकर हत्या करने के बाद टेढी बगिया क्षेत्र में शव पफेंक दिए। 19 अप्रैल को खडबाई नहर से बोरे में दो शव मिले और टेढी बगिया से मासूम का शव मिला, पहले गलत शिनाख्त हुई।
बेटी के मुकदमा दर्ज कराने के बाद खुला मामला
इस मामले में शालिनी शर्मा की बेटी अनु शर्मा ने 28 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कराया कि उसके पिता मुकेश शर्मा मां, बहन और भाई को घर से ले गए थे, वह वापस नहीं आए हैं पिता कह रहे हैं कि दिल्ली में इलाज चल रहा है। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ में मामला खुल गया।
न्रशंस हत्या में आजीवन कारावास

कारोबारी मुकेश शर्मा
इस मामले में अपर जिला जज मोहम्मद असलम सिदृदकी ने जजमेंट में लिखा है कि मुकेश शर्मा ने विश्वासघात किया है, न्रशंस और घ्रणित अपराध किया है। अभियुक्त मुकेश शर्मा, अशोक उपाध्याय और आजीवन कारावास और 1. 14 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।