आगरालीक्स ….आगरा रीजन में प्रमुख उद्योगपति के एमबीए बेटे की 10 करोड की फिरौती के लिए किडनैप के बाद की गई हत्या में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बडा खुलासा हुआ है। इसमें सामने आया है कि उद्योगपति के बेटे को हाथ पैर बांधकर जिंदा ही नहर में फेंक दिया था।
आगरा रीजन के फीरोजाबाद के बडे उद्योगपति अतुल मित्तल के बेटे आदित्य मित्तल (25 ) सोमवार (22 अगस्त) को घर से आर्चिटग्रीन जिम के लिए अपनी कार से निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला, मोबाइल बंद था और कार टूंडला के पास नगला बीच नारखी में मिली थी। मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने आदित्य मित्तल के करोडपति दोस्त रोहन सिंघल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला खुलता चला गया। शुक्रवार सुबह नहर से आदित्य मित्तल का शव शिकोहाबाद शव में मिला। आदित्य बंगलुरू से एमबीए किया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आदित्य के शव का लगभग चार घंटे तक पोस्टमार्टम हुआ। सूत्रों की मानें तो आदित्य मित्तल को अपहरण के बाद यातनाएं दी गई थीं और उसे मृत समझकर जिंदा ही नहर में फेंका गया। उसकी मौत का कारण पानी में डूबना सामने आया है, पीएम रिपोर्ट से यह बात साफ हो गयी है। उसके चेहरे पर चोटों के निशान पाये गये हैं। उसकी गर्दन पर भी गला घोंटने के निशान थं । चिकित्सकों का मानना है कि जिस समय उसे नहर में फेंका गया होगा वह जीवित रहा होगा। पानी में पड़े रहने के कारण शव काफी फूल गया था। चिकित्सकों की मानें तो उसकी मौत तीन से चार दिन पहले हुई होगी। उसके बाल व नाखून पूरी तरह गले हुए थे। आदित्य को 22 अगस्त को अगवा किया गया था। अगले ही दिन उसकी हत्या कर दी गयी। पुलिस ने उसकी हत्या के मामले में नगर के प्रमुख बिल्डर रोहन अग्रवाल व उसके राज मिस्त्री पवन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस रोहन के भाई पवन व अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
तीन महीने पहले आया था फीरोजाबाद
आदित्य मित्तल (25) पुत्र अतुल मित्तल अपनी बैंगलौर से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद तीन महीने पहले ही सुहागनगरी में आया था। उसकी हत्या के मामले में शहर के प्रमुख बिल्डर रोहन सिंघल पुत्र ललित मोहन निवासी गणेश नगर का नाम आने के बाद पहले ही दिन चौंक गए थे। परिवार के लोगों का कहना है कि रोहन से कब आदित्य की नजदीकी बढ़ गई इसके बारे में उनको पता ही नहीं चला। न तो कभी रोहन को घर आते देखा था और न प्रतिष्ठान पर। फिर किसने और कब उसे इसके नजदीक ला दिया, ये नहीं समझ पा रहे। माना जा रहा है कि आदित्य को उसके ही किसी करीबी दोस्त ने इन हत्यारों से मिलाया होगा। इनसे कहां मुलाकात होती थी, कब मिलते थे इसके बारे में भनक तक नहीं थी।
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